बाबर आजम ने विराट कोहली से क्यों मांगा था टी-शर्ट, सोशल मीडिया में वायरल वीडियो से हुआ खुलासा…

सोशल मीडिया में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें विराट कोहली और शादाब खान मैच के बाद गले मिलते नजर आ रहे हैं. वीडियो में शादाब के लीप से यह साफ नजर आ रहा है कि शादाब विराट कोहली से शर्ट कह रहे हैं.

विश्वकप 2023 के भारत-पाकिस्तान मैच के बाद विराट कोहली ने पाकिस्तान के अंपायर बाबर आजम को अपनी टी-शर्ट गिफ्ट की थी. 14 अक्टूबर को जब बाबर आजम ने मैदान पर विराट कोहली से टी-शर्ट लिया तो दर्शकों ने इस पल को खेल भावना से जोड़कर देखा, वहीं वसीम अकरम को बाबर आजम का यह रवैया पसंद नहीं आया था, अब सोशल मीडिया में ऐसी खबरें वायरल हो रही हैं कि बाबर आजम ने विराट कोहली का टी-शर्ट नहीं मांगा था, बल्कि ग्राउंड पर शादाब खान ने विराट कोहली से उनका टी-शर्ट मांगा था, जिसे बाद में विराट ने बाबर आजम को सौंप दिया. उन्होंने शादाब खान के लिए ही वो टी-शर्ट बाबर आजम को दिया था.

शादाब खान को सोशल मीडिया में किया जा रहा ट्रोल

सोशल मीडिया में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें विराट कोहली और शादाब खान मैच के बाद गले मिलते नजर आ रहे हैं. वीडियो में शादाब के लीप से यह साफ नजर आ रहा है कि शादाब विराट कोहली से शर्ट कह रहे हैं. शादाब के इस वीडियो के बाद उन्हें सोशल मीडिया में ट्रोल किया जा रहा है और यह कहा जा रहा है कि बेकार में बाबर आजम को टी-शर्ट प्रकरण में निशाना बनाया गया.

https://twitter.com/kiki_56__/status/1713457238835396794 शादाब ने विराट के कानों में फुसफुसाया था

वायरल वीडियो में शादाब और कोहली गले मिलते नजर आ रहे हैं और शादाब विराट कोहली की पीठ ठोंकते हुए उनके कानों में कुछ कह रहे हैं. उनके होंठों के मूवमेंट से यह साफ पता चल रहा है कि वे शर्ट की बात कर रहे हैं. कुछ लोग सोशल मीडिया में पोस्ट लिख रहे हैं कि क्या हुआ अगर टी-शर्ट ले ही लिया तो, बाबर और शादाब दोनों विराट की तारीफ करते हैं. वहीं कई लोग बाबर के बारे में कह रहे हैं कि वो ऐसी हरकत कर ही नहीं सकता.

वसीम अकरम ने की थी बाबर आजम की निंदा

ज्ञात हो कि मैच के बाद जब विराट कोहली और बाबर आजम की तसवीर वायरल हुई तो पाकिस्तान के पूर्व गेंदबाज वसीम अकरम ने इसकी निंदा की. उन्होंने कहा कि बाबर आजम को अभी यह नहीं करना चाहिए था. उन्होंने कहा था कि आज के दिन पर विराट कोहली से शर्ट मांगना कहीं से भी सही फैसला नहीं है. हालांकि कोहली और शादाब के गले पर फैंस ने अच्छे कमेंट भी किए.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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