ASCI Report: डिजिटल मीडिया के विज्ञापनों को लेकर आ रहीं सबसे ज्यादा शिकायतें, जानें पूरी बात

ASCI Report – स्वास्थ्य क्षेत्र के बाद शिक्षा और व्यक्तिगत देखभाल क्षेत्र का स्थान रहा. इनका योगदान 18-18 प्रतिशत रहा. वहीं गेमिंग क्षेत्र का योगदान 15 प्रतिशत रहा. परिषद ने तीन चौथाई शिकायतें स्वत: संज्ञान आधार पर ली. वहीं, उपभोक्ताओं ने 21 प्रतिशत से अधिक मामलों में शिकायतें की.

ASCI Report : डिजिटल मीडिया पर प्रसारित विज्ञापनों को लेकर शिकायतें बढ़ी हैं. चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-सितंबर के दौरान डिजिटल मीडिया पर आपत्तिजनक विज्ञापनों की हिस्सेदारी सर्वाधिक रही.

भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (एएससीआई) ने कहा कि उसने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान 3,501 विज्ञापनों की जांच की है और शिकायतों की संख्या 4,491 रही. यह सालाना आधार पर क्रमशः 27 प्रतिशत और 34 प्रतिशत अधिक है.

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रिपोर्ट में कहा गया है कि एएससीआई जिन विज्ञापनों का प्रसंसकरण किया, उसमें इनफ्लूएंसर मामलों का योगदान 22 प्रतिशत था. इसमें कहा गया है कि गैर-अनुपालन वाले मामलों की सूची में अभिनेता अमिताभ बच्चन भी शामिल थे. उन्होंने आठ मामलों में नियमों का उल्लंघन किया था.

पीटीआई भाषा की रिपोर्ट के अनुसार, एएससीआई ने कहा कि क्षेत्रवार देखा जाए, तो स्वास्थ्य देखभाल के क्षेत्र में सबसे ज्यादा नियमों का उल्लंघन हुआ है. परिषद ने जिन शिकायतों को निपटान किया, उसमें इस क्षेत्र का योगदान 21 प्रतिशत था.

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स्वास्थ्य क्षेत्र के बाद शिक्षा और व्यक्तिगत देखभाल क्षेत्र का स्थान रहा. इनका योगदान 18-18 प्रतिशत रहा. वहीं गेमिंग क्षेत्र का योगदान 15 प्रतिशत रहा. परिषद ने तीन चौथाई शिकायतें स्वत: संज्ञान आधार पर ली. वहीं, उपभोक्ताओं ने 21 प्रतिशत से अधिक मामलों में शिकायतें की.

ASCI रिपोर्ट के कुछ प्रमुख निष्कर्ष इस प्रकार हैं –

डिजिटल प्रभुत्व : 79% समस्याग्रस्त विज्ञापन ऑनलाइन पाए गए, जो डिजिटल विज्ञापन जगत में चुनौतियों को उजागर करते हैं.

नियामक सतर्कता : एएससीआई के केंद्रित निगरानी तंत्र ने माध्यम में आपत्तिजनक सामग्री से निपटने के लिए डिजिटल निगरानी को बढ़ावा दिया. संसाधित कुल विज्ञापनों में से 98% को किसी न किसी रूप में संशोधन की आवश्यकता होती है.

स्वैच्छिक अनुपालन : डिजिटल विज्ञापन क्षेत्र में, एएससीआई में शिकायत किये गए कुल विज्ञापनों में प्रभावशाली लोगों का योगदान 22% था. प्रभावशाली दिशानिर्देशों के लिए संसाधित किये गए 99.4% विज्ञापन उल्लंघन में पाए गए. एएससीआई को पिछले वर्षों में 86% की तुलना में 92% प्रभावशाली मामलों में अपनी सिफारिशों का अनुपालन प्राप्त हुआ, जो एएससीआई की सीसीसी सिफारिशों के अधिक अनुपालन का संकेत देता है.

सुर्खियों में हेल्थकेयर : हेल्थकेयर सबसे अधिक उल्लंघनकारी क्षेत्र के रूप में उभरा, संसाधित सभी विज्ञापनों में से 21% का योगदान रहा. इस उछाल का कारण डिजिटल प्लैटफॉर्म पर बड़ी मात्रा में दवा और दवा के विज्ञापन हैं.

कानूनी उल्लंघन : एएससीआई ने ड्रग एंड मैजिक रेमेडीज एक्ट 1954 का सीधे तौर पर उल्लंघन करने वाले विज्ञापनों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी, जिसके कारण विज्ञापनदाताओं को विज्ञापन वापस लेने या उसमें संशोधन करने की सलाह देने वाली सूचनाएं जारी की गईं. एएससीआई ने केवल छह महीनों में आयुष मंत्रालय को 565 विज्ञापन भेजे, जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में 464 विज्ञापन भेजे गए थे.

एएससीआई की सीईओ और महासचिव मनीषा कपूर ने कहा, एएससीआई डिजिटल विज्ञापन से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है. उपभोक्ताओं की ऑनलाइन सुरक्षा के मुद्दे से निपटने के लिए सभी हितधारकों को एक साथ आने की जरूरत है, क्योंकि वे वहां काफी समय बिताते हैं और जहां आपत्तिजनक विज्ञापनों का प्रसार होता है. ऑनलाइन स्थान पर हमारी निरंतर निगरानी उन विज्ञापनों और ब्रांडों को बाहर करने में मदद करती है जो एएससीआई कोड का उल्लंघन करते हैं, जिसके लिए विज्ञापनों को सच्चा, सभ्य और सुरक्षित होना आवश्यक है. हमें उम्मीद है कि विभिन्न क्षेत्र उल्लंघनों को पहचानेंगे और अधिक जिम्मेदार विज्ञापन के लिए प्रतिबद्ध होंगे.

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By Rajeev kumar

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