मुंबई से आ रही अकासा एयरलाइंस की फ्लाइट में मिली बम की सूचना, वाराणसी में इमरजेंसी लैंडिंग के बाद हुई जांच

मुंबई से वाराणसी आ रही अकासा एयरलाइंस की फ्लाइट में बम की सूचना से एयरपोर्ट प्रशासन हिल गया. कड़ी सुरक्षा के बीच फ्लाइट लैंड कराई गई. सुरक्षा एजेंसियों ने करीब एक घंटे तक छानबीन की.

वाराणसी में शुक्रवार की शाम में मुंबई से आ रही अकासा एयरलाइंस की फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई. विमान में बम होने की सूचना मिलने से हड़कंप मच गया. ट्विटर पर जिस समय जानकारी मिली फ्लाइट वाराणसी के हवाई क्षेत्र में पहुंच चुका था. अधिकारियों को फ्लाइट में बम होने की सूचना विमान के क्रू मेंबर तक पहुंची. इसके बाद पायलट ने एटीसी को सूचना दी. इसके बाद यात्रियों को विमान से उतारकर करीब 1 घंटे तक संघनन तलाशी ली गई. मगर, कोई भी विस्फोटक सामग्री नहीं मिली. सूचना फर्जी निकली. इस घटना के बाद सभी फ्लाइट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

अज्ञात ट्वीट के जरिए विमान में बम रखने की मिली सूचना

एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि 29 सितंबर की दोपहर अकासा एयरलाइंस के विमान ने मुंबई से वाराणसी के लिए उड़ान भरी. करीब 4 बजे अकासा एयर की फ्लाइट (संख्या-QP 1498) को एयर ट्रैफिक कंट्रोल से एक इमरजेंसी अलर्ट मिला. इसमें एक अज्ञात ट्वीट के जरिए विमान में बम रखने और उड़ाने का मैसेज मिला था. इसके बाद विमान के दोनों कैप्टन ने ATC से बात की. इमरजेंसी प्रोसिजर को फॉलो करते हुए सेप्रेट रनवे पर विमान को सुरक्षित उतारा गया. विमान के लैंड होते ही यात्रियों को विमान से बाहर निकाला गया. इसके बाद CISF और बम निरोधक दस्ता टीम विमान में दाखिल हुई. अंदर गहनता से तलाशी ली गई.

करीब 1 घंटे तक चली तलाशी में विमान के अंदर से कोई भी विस्फोटक सामान नहीं मिला. जांच के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली. दो घंटे की देरी से अकासा एयरलाइंस का विमान 80 यात्रियों को लेकर 4.56 पर मुंबई के लिए रवाना हुआ. वाराणसी एयरपोर्ट निदेशक ने आगे बताया कि ट्वीट के जरिए मुंबई से वाराणसी फ्लाइट संख्या QP 1498 को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी. विमान में बम की सूचना तब मिली जब फ्लाइट वाराणसी एयरपोर्ट पर लैंड करने वाली थी. तलाशी अभियान में यह सूचना झूठी निकली. सभी 84 यात्री और चालक दल सुरक्षित हैं और उन्हें विमान से उतार दिया गया है.

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वाराणसी एयरपोर्ट पर 2 साल में 10 करोड़ का सोना हुआ बरामद

भारत में सोने की तस्करी के लिए विदेशों के तस्करों ने वाराणसी की फ्लाइट को साफ्ट टारगेट बना लिया है. शारजाह से वाराणसी आने वाली साप्ताहिक उड़ान में सोना बरामदगी आम हो गई है. कोरोना काल के बाद अंतरराष्ट्रीय विमानों के परिचालन के बाद वाराणसी एयरपोर्ट पर दस करोड़ से अधिक का सोना बरामद किया जा चुका है. सोना शारजाह से तस्करी के लिए वाराणसी एयरपोर्ट पर लाया गया था, जिसे लेकर आने वाले 30 से अधिक श्रमिक भी पुलिस दबोच चुकी है. गुरुवार रात बिहार के एक यात्री ने अपने मलाशय में पेस्ट बनाकर सोने के कैप्सूल छिपाए थे, जिसे स्कैनर पर पकड़ लिया गया. 50 लाख के सोने की बरामदगी के बाद कस्टम ने सोना जब्त करते हुए मुचालका पर छोड़ दिया गया.

कस्टम अफसरों के मुताबिक, लाल बहादुर शास्त्री इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गुरुवार शाम को शारजाह से एयर इंडिया का विमान आईएक्स-184 की फ्लाइट लैंड की. जांच के दौरान टीम को एक यात्री पर शक हुआ, तो उसकी गहनता से जांच की गई. बिहार निवासी अश्वनी कुमार की तलाशी के दौरान स्कैनर में रेड लाइट जली. स्कैनर में देखने पर उसके मलाशय से प्लास्टिक के कैप्सूल दिखे. इसके बाद उससे पूछताछ शुरू की. पहले तो उसने आनाकानी की. मगर बाद में उसने सोना ले जाने की बात स्वीकार ली.

उसने बताया कि प्राइवेट पार्ट में 3 कैप्सूल में सोने का पेस्ट बनाकर छिपाया था. इसके बाद डॉक्टरों को बुलाया गया. इसके बाद डॉक्टरों ने उसे दवाएं दीं, फिर एनिमा का इंजेक्शन लगाया. इससे प्रेशर बना और शौच के दौरान तीनों कैप्सूल बाहर निकाले जा सके. सोने का वजन 839.29 ग्राम है. वाराणसी एयरपोर्ट पर गुरुवार को 50 लाख के सोने के साथ एक यात्री को पकड़ा गया. सोने की कीमत लगभग 50 लाख रुपए बताई जा रही है. कस्टम के अधिकारियों ने पूछताछ के बाद सोना जब्त करते हुए निजी मुचालका पर छोड़ दिया.

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वाराणसी में सोना तस्करी का बड़ा नेटवर्क

वाराणसी एयरपोर्ट पर तस्करी का बड़ा नेटवर्क सक्रिय है. इस साल अब तक पांचवी बार तस्करी का सोना पकड़ा गया. इससे पहले, एक जून 2023 को एयरपोर्ट के शौचालय से सोने की 16 बिस्किट बरामद किए गए थे. उसका वजन 1886.100 ग्राम और कीमत 1.12 करोड़ थी. सोना लेकर कौन आया था, इसका पता नहीं लग सका. इससे पहले 27 फरवरी को शारजाह से आए फैजाबाद के रहने वाले राम चंदर के प्राइवेट पार्ट से 1.22 करोड़ का 2176.800 ग्राम सोना बरामद किया गया था. अगस्त में दो युवक 1.40 करोड़ के सोने के साथ गिरफ्तार हुए और 28 सितंबर को बिहार निवासी अश्वनी 50 लाख के सोने संग दबोचा गया.

2 साल में 8 करोड़ का सोना बरामद

बनारस में कोरोना काल के बाद नए नए तरीके अपनाकर सोने की तस्करी जारी है. 17 फरवरी 2022 को 23 लाख 94 हजार रुपए का सोना, 20 फरवरी को 45 लाख, 22 फरवरी को 33 लाख, 25 अप्रैल को 48 लाख, 2 जुलाई को 18 लाख, 11 जुलाई को 1.21 करोड़, 27 जुलाई को 28 लाख, 31 अगस्त को 34 लाख 46 हजार, 3 दिसंबर 2022 को 40 लाख का सोना सीमा शुल्क विभाग ने पकड़ा. 28 फरवरी 2023 को 1.22 करोड़, 31 मई को 1.12 करोड़ का सोना बरामद हुआ. इसके अलावा 20 जून को 50 लाख और 22 अगस्त को 1.40 करोड़ का सोना बरामद किया गया. इसके बाद 28 सितंबर को 50 लाख का सोना बरामद हुआ.

2021 में दो करोड़ का सोना पकड़ा

वहीं वर्ष 2021 में 34 लाख का सोना 697 ग्राम पकड़ा गया. शारजाह से एअर इंडिया की फ्लाइट से आए प्रयागराज के मलेथुआ निवासी यात्री सूरज कुमार पटेल ने पेस्ट के रूप में जींस की बेल्ट में छिपाया था. इसके पहले एक यात्री से 33 लाख रुपए का गोल्ड बरामद हुआ. छाते के अंदर पर्त बनाकर रखने पर दो तस्कर डेढ़ किलो सोना के साथ दबोचे गए. शारजाह से मिक्सर ग्राइंडर में तस्करी करने वाले को 700 ग्राम सोना कस्टम ने पकड़ा गया जिसकी कीमत 32,89,530 लाख रुपये आंकी गई. दिसंबर में कस्टम विभाग की टीम ने 67.21 लाख रुपए का सोना बरामद किया. इसके अलावा भी कई बरामदगी हुई.

बनारस में केवल अंतरराष्ट्रीय विमानों में तस्करी

बाबतपुर एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय विमानों की संख्या में कमी के बाद तस्करी के कम मामले सामने आए हैं. पिछले दो साल में फिलहाल विदेशों में शारजाह के लिए ही विमान है. बैंकॉक, मलेशिया, कोलंबो के लिए विमान सेवाएं बंद हैं. जब बैंकॉक और मलेशिया के लिए विमान सेवाएं संचालित थीं, तब इन दोनों जगहों से भी सोने की तस्करी होती थी. वाराणसी एयरपोर्ट पर पकड़े गए किसी भी व्यक्ति के पास आज तक कोई भी कागजात सोना संबंधित नही मिला है.

2 साल में तस्कर हाथ ना लगे, 25 श्रमिक पकड़े गए

वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट से पिछले दो साल में लगभग सात करोड़ रुपए का सोना पकड़ा गया. इसमें पकड़े गए करियर में 25 मजदूर थे, जो खाड़ी देशों में काम की तलाश में गये थे. काम छूटा, फिर खाने तक के लाले पड़े. किसी भी हाल में घर लौटने की चाहत में तस्करों का ज़रिया बन गए. सीमा शुल्क विभाग के हाथ कोई बड़ा तस्कर नहीं लगा. वहीं कई तस्करों को कस्टम ने जेल भेज दिया तो कुछ को मुचालका पर रिहा कर दिया गया.

एयरपोर्ट के बाहर कोड वर्ड के जरिए सप्लाई

सीमा उत्पाद शुल्क की टीम ने पूछताछ में पता लगाया कि तस्कर सोने को ले जाने और पाने के लिए कोड वर्ड का इस्तेमाल करते हैं. मजदूरों को सोना देने के दौरान कोड बताते हैं. एयरपोर्ट के बाहर निर्धारित जगह का नाम भी बताते हैं. वहां पर खड़े व्यक्ति से कोड वर्ड के जरिए संपर्क करने को कहते हैं. या फिर उसके पास उसी तरह के प्रतीक चिह्न, किसी नोट के नंबर के मिलान के जरिए पुष्टि के बाद सोना सौंपने को कहा जाता है. जांच के दौरान बहुत जल्दी में दिखते हैं और शक होते ही कस्टम उन्हें दबोच लेता है.

गूगल पर मिक्सर ग्राइंडर का वजन चेक किया गया

सोना तस्करी के लिए सब अलग अलग तरीका आजमाते हैं. पिछले दिनों दो युवक मिक्सर ग्राइंडर में सोना लेकर वाराणसी एयरपोर्ट पर उतरे थे. कस्टम अधिकारियों ने बताया कि मिक्सर ग्राइंडर मिलने पर वेट किया गया. उसके बाद गूगल पर सेम ग्राइंडर का वजन देखा गया तो कम आ रहा था, यही से मामले का खुलासा हुआ. जब उसके अंदर कटर से काट कर देखा गया तो ग्राइंडर और पास्ता मशीन में 1.40 करोड़ा का सोना मिला. 20 लाख रुपये से अधिक का सोना होने की वजह से सीमा शुल्क अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है.

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Author: Sandeep kumar

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