Aadhaar अब बिना फिंगरप्रिंट के भी बन जाएगा, काम आयेगी यह तकनीक; UIDAI ने किया बड़ा बदलाव

Aadhaar Card Rule Changed – आधार कार्ड से जुड़े इस बदलाव के संबंध में यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) द्वारा सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर जानकारी शेयर की गई है. यूआईडीएआई के एक्स पर पोस्ट के मुताबिक अब हाथ की उंगलियां ना होने की स्थिति में आइरिस स्कैन के जरिये आधार नामांकन किया जा सकता है

𝗣𝗲𝗿𝘀𝗼𝗻 𝘄𝗶𝘁𝗵𝗼𝘂𝘁 𝗳𝗶𝗻𝗴𝗲𝗿𝘀 𝗲𝗻𝗿𝗼𝗹𝗹𝗲𝗱 𝗳𝗼𝗿 𝗔𝗮𝗱𝗵𝗮𝗮𝗿

फिंगरप्रिंट नहीं होने पर आइरिस स्कैन का उपयोग कर सकते हैं
आंखें नहीं होने पर फिंगरप्रिंट देकर बना सकते हैं आधार कार्ड
दोनों नहीं होने पर भी असाधारण नामांकन के तहत बन जाएगा आधार कार्ड

Aadhaar Card Rule Change : आधार कार्ड (Aadhaar Card) आज की तारीख में हमारी पहचान का सबसे अहम दस्तावेज बन गया है. साथ ही, यह वित्तीय जरूरतों से लेकर सरकारी योजनाओं (Government Schemes) तक का लाभ लेने के लिए भी जरूरी हो चुका है. अब आधार कार्ड से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आयी है. इसे आधार कार्ड बनवाने (Aadhaar Card Enrolment) के प्रॉसेस में एक बदलाव किया गया है. इसके बारे में UIDAI ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर भी जानकारी शेयर की है.

आधार कार्ड से जुड़े इस बदलाव के संबंध में यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) द्वारा सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर जानकारी शेयर की गई है. यूआईडीएआई के एक्स पर पोस्ट के मुताबिक, अब हाथ की उंगलियां ना होने की स्थिति में आइरिस स्कैन के जरिये आधार नामांकन किया जा सकता है.

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सरकार ने कहा है कि आधार के लिए पात्र व्यक्ति उंगलियों के निशान उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में आईरिस स्कैन का उपयोग करके नामांकन कर सकता है. यह बयान इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर द्वारा केरल में एक महिला जोसीमोल पी जोस के नामांकन को सुनिश्चित करने के लिए आया है. महिला हाथ की उंगलियां नहीं होने के कारण आधार के लिए नामांकन नहीं कर सकी थी.

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर के बयान के अनुसार, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की एक टीम ने उसी दिन केरल के कोट्टायम जिले के कुमारकम में रहने वाली जोस से उसके घर पर मुलाकात की और उसका आधार नंबर तैयार किया.

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चंद्रशेखर ने कहा कि सभी आधार सेवा केंद्रों से कहा गया है कि वैकल्पिक बायोमेट्रिक्स लेकर धुंधली उंगलियों के निशान या इसी तरह की दिव्यांगता वाले अन्य लोगों को आधार जारी किया जाना चाहिए.

बयान के अनुसार, एक व्यक्ति जो आधार के लिए पात्र है, लेकिन उंगलियों के निशान देने में असमर्थ है, वह केवल आईरिस स्कैन का उपयोग करके नामांकन कर सकता है. इसी प्रकार, एक पात्र व्यक्ति जिसकी आंखों की पुतली किसी भी कारण से नहीं ली जा सकी है, वह केवल अपने फिंगरप्रिंट का उपयोग करके नामांकन कर सकता है. इसमें कहा गया कि उंगली और आईरिस बायोमेट्रिक्स, दोनों ही देने में असमर्थ व्यक्ति का नाम, लिंग, पता, जन्मतिथि का उपलब्ध बायोमेट्रिक्स के साथ मिलान किया जाता है.

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By Rajeev kumar

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