उम्र तो महज एक नंबर है. इस कहावत को 94 साल की भगवानी देवी ने चरितार्थ किया है. एथलीट भगवानी देवी ने 100 मीटर स्प्रिंट दौड़ में स्वर्ण पदक जीता है. उन्होंने यह पदक फिनलैंड में वर्ल्ड मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीता है. उन्होंने सीनियर सिटिजन कैटेगरी में 24.74 सेकंड में 100 रेस पूरी कर ली. इसके साथ ही भगवानी देवी ने शॉटपुट में ब्रॉन्ज मेडल भी अपने नाम किया.
भगवानी देवी ने चेन्नई में जीता था दो गोल्ड
इससे पहले भगवानी देवी ने चेन्नई में राष्ट्रीय मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में तीन स्वर्ण पदक जीते थे. और इस प्रकार विश्व मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अधिकार अर्जित किया था. चेन्नई में होने वाले आयोजन से पहले, उन्होंने दिल्ली स्टेट एथलेटिक चैंपियनशिप में 100 मीटर डैश, भाला फेंक और शॉट पुट स्पर्धाओं में तीन स्वर्ण पदक जीते थे.
केरल के पूर्व विधायक ने भी जीता दो ब्रॉन्ज मेडल
विश्व मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप 35 वर्ष से अधिक आयु के एथलीटों के लिए एक मंच है. भारत के एक अन्य अनुभवी एथलीट, केरल राज्य के पूर्व विधायक, एमजे जैकब ने भी विश्व मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी दो कांस्य पदक जीते. पिरावोम के सीपीएम पार्टी के वरिष्ठ नेता ने एम 80 वर्ग में 200 मीटर बाधा दौड़ और 80 मीटर बाधा दौड़ में पदक जीते. यह 80 वर्ष से 84 वर्ष की आयु के एथलीटों के लिए आयोजित किया गया था.
पूर्व विधायक जैकब के पास कई मेडल
जैकब ने केरल स्टेट मास्टर्स एथलेटिक्स में 200 मीटर और 80 मीटर बाधा दौड़ में भी स्वर्ण पदक जीता था, जो इस वर्ष की शुरुआत में आयोजित किया गया था. 82 वर्षीय ने एशियाई मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी स्वर्ण पदक जीता था. इनकी इस उम्र में इस तरह के शानदार एथलेटिक उपलब्धि हासिल करने से पता चलता है कि उम्र कोई बाधा नहीं है जब तक कि व्यक्ति लगन से प्रशिक्षण लेते हैं, एक स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखते हैं, नियमित रूप से व्यायाम करते हैं और अपनी फिटनेस दिनचर्या से नहीं भटकते हैं.
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