Grok अब नहीं बनाएगा AI से अश्लील तस्वीरें, X ने रोकी इमेज क्रिएशन

Grok AI Policy: लगातार हो रही आलोचना और सरकारों की कार्रवाई की चेतावनियों के बाद एलन मस्क को अपने AI चैटबॉट में बदलाव करने पड़े. अब यह टूल असली लोगों की तस्वीरों को इस तरह एडिट नहीं कर पाएगा कि वे भड़काऊ या आपत्तिजनक कपड़ों में नजर आएं. आइए आपको विस्तार से बताते हैं पूरा मामला.

Grok AI Policy: xAI द्वारा तैयार किया गया और X में जोड़ा गया AI टूल Grok के गलत इस्तेमाल से बनायी गई अश्लील तस्वीरों को लेकर कड़ी आलोचना झेल रहे सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म X ने आखिरकार कदम उठाया है. कंपनी ने अपने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल Grok पर नई पाबंदियां लगाने का ऐलान किया है. अब यह टूल असली लोगों की तस्वीरों को इस तरह एडिट नहीं कर पाएगा कि वे भड़काऊ या आपत्तिजनक कपड़ों में नजर आएं. यह फैसला यूके और अमेरिका समेत कई देशों में जताई जा रही उस चिंता के बाद लिया गया है, जहां बिना इजाजत लोगों की तस्वीरों को अश्लील तरीके से पेश करने के लिए AI टूल्स के गलत इस्तेमाल पर सवाल उठ रहे थे.

कंपनी ने क्या कहा? 

X ने कहा कि उसने तकनीकी बदलाव किए हैं, ताकि Grok अब असली लोगों की तस्वीरों को इस तरह एडिट न कर सके, जिससे वे बिकिनी या किसी और भड़काऊ कपड़ों में दिखें. कंपनी ने साफ किया कि यह रोक सभी यूजर्स पर लागू होगी, चाहे वे फ्री यूजर हों या पैसे देकर सब्सक्रिप्शन लेने वाले. लगातार सवालों के घेरे में है. वजह यह है कि सरकारें और रेगुलेटर टेक कंपनियों पर दबाव बढ़ा रहे हैं, ताकि AI से बनने वाले कंटेंट से होने वाले नुकसान को रोका जा सके.

कई देश की सरकारों ने लिया एक्शन 

Grok के ‘स्पाइसी मोड’ फीचर को लेकर xAI पर अंतरराष्ट्रीय दबाव लगातार बढ़ रहा था. इस फीचर के जरिए लोग सिर्फ नॉर्मल टेक्स्ट लिखकर महिलाओं और बच्चों की आपत्तिजनक डीपफेक तस्वीरें बना पा रहे थे. शनिवार को यानी 10 जनवरी को इंडोनेशिया ऐसा पहला देश बना, जिसने Grok की सर्विस को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया. इसके अगले ही दिन पड़ोसी देश मलेशिया ने भी ऐसा ही कदम उठाया. 

भारत ने रविवार को कहा कि उसकी शिकायतों के बाद X ने हजारों पोस्ट हटाए हैं और कई यूजर अकाउंट्स पर कार्रवाई की है. वहीं, ब्रिटेन की मीडिया रेगुलेटर संस्था Ofcom ने सोमवार को जांच शुरू करने की बात कही है कि कहीं X ने यौन तस्वीरों को लेकर ब्रिटेन के कानूनों का उल्लंघन तो नहीं किया. 

फ्रांस में बच्चों से जुड़ी मामलों की कमिश्नर सारा एल हेरी ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने Grok से बनी तस्वीरों का मामला फ्रांसीसी सरकारी वकील, मीडिया रेगुलेटर Arcom और यूरोपीय संघ को भेज दिया है.

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By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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