आधी जनता नहीं जानती कौन से हैं वो 6 देश, जहां के लोग नहीं कर पाते WhatsApp का इस्तेमाल, जानें वजह

WhatsApp दुनियाभर में एक बेहद लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप है, लेकिन कुछ ऐसे देश भी हैं जहां इसके इस्तेमाल पर थोड़ा या पूरी तरह से रोक लगी हुई है. आज हम आपको बताएंगे कि किन देशों में WhatsApp पर पाबंदी है और इसके पीछे क्या कारण हैं.

WhatsApp Banned: वॉट्सऐप की लोकप्रियता से आज हम सब वाकिफ हैं. यह ऐप हमारे डेली लाइफ में आने वाले कामों को आसान बनता है. यह ऐप मैसेजिंग के अलावा लोगों को वॉइस कॉल और नोट्स, वीडियो कॉल, फोटो, लोकेशन, मीम्स शेयरिंग जैसे ढेरो ऑप्शन देता है. लेकिन कुछ देशों में यह लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप या तो पूरी तरह से बैन है या फिर सख्त प्रतिबंधों का सामना कर रहा है. आइए एक नजर डालते हैं उन छह देशों पर जहां वॉट्सऐप इस्तेमाल करना प्रतिबंधित है और जानते हैं इसके पीछे की वजहें.

ये हैं 6 देश जहां नहीं चलते WhatsApp

चीन  

चीन में WhatsApp को व्यापक इंटरनेट नियंत्रण के हिस्से के रूप में ब्लॉक किया गया है. सरकार स्थानीय रूप से विकसित We Chat ऐप को प्राथमिकता देती है, जो इसकी डेटा नीतियों के अधिक अनुरूप हैं. एन्क्रिप्शन और डेटा एक्सेस को लेकर चिंताओं के चलते 2017 से ही चीन में वॉट्सऐप बंद है.

ईरान

ईरान में WhatsApp पर समय-समय पर प्रतिबंध और रुकावटें लगाई जाती रही हैं. सरकार ने राजनीतिक अशांति के कारण इसे प्रतिबंध कर दिया गया था. हाल की रिपोर्टों के अनुसार, कुछ प्रतिबंधों में राहत दी गई है, लेकिन इसके बावजूद यूजर्स को प्लेटफार्म तक पहुंचने में अब भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. वॉट्सऐप इस्तेमाल करने के लिए अभी भी वहां के लोगों को VPN का सहारा लेना पड़ता है.

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UAE

अरब अमीरात (UAE) में WhatsApp की वॉयस और वीडियो कॉलिंग सुविधाएं प्रतिबंधित हैं. सरकार ने यह रोक स्थानीय टेलीकॉम कंपनियों को समर्थन देने के उद्देश्य से लगाई है. हालांकि, WhatsApp पर टेक्स्ट मैसेज भेजने की सुविधा अब भी उपलब्ध है, लेकिन कॉलिंग फीचर्स पर रोक लगने से ऐप की उपयोगिता काफी हद तक सीमित हो गई है.

कतर

यूएई की तरह ही कतर ने भी WhatsApp की वॉइस और वीडियो कॉलिंग सुविधाओं पर प्रतिबंध लगाया हुआ है. हालांकि टेक्स्ट मैसेजिंग सेवा सामान्य रूप से काम कर रही है, लेकिन कॉलिंग पर यह रोक देश की दूरसंचार उद्योग को समर्थन देने के उद्देश्य से लगाई गई है.

सीरिया

सीरिया में WhatsApp पर प्रतिबंध लगाया गया है. यह प्रतिबंध वहां की सरकार द्वारा देश के भीतर संचार को नियंत्रित करने और बाहरी स्रोतों से आने वाली जानकारी की पहुंच को रोकने के लिए किया गया है. यह कदम व्यापक इंटरनेट सेंसरशिप नीति के तहत उठाया गया है.

उत्तर कोरिया

उत्तर कोरिया में इंटरनेट पर दुनिया की सबसे सख्त पाबंदियों में से एक लागू है. वहां के नागरिकों को वैश्विक इंटरनेट तक बेहद सीमित पहुंच प्राप्त है. सरकार संचार पर नियंत्रण बनाए रखने और सूचनाओं के मुक्त प्रवाह को रोकने के लिए WhatsApp जैसे ऐप्स पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाए हुए है.

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By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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