सोशल मीडिया और मानसिक स्वास्थ्य के संबंध पर चल रही अहम कानूनी बहस के बीच Adam Mosseri ने कैलिफोर्निया की अदालत में इंस्टाग्राम का पक्ष रखा. Instagram के प्रमुख ने गवाही देते हुए कहा कि किसी यूजर का अत्यधिक समय तक प्लैटफॉर्म पर एक्टिव रहना अपने आप में ‘क्लिनिकल एडिक्शन’ का प्रमाण नहीं माना जा सकता. यह मुकदमा टेक कंपनियों की जिम्मेदारी और किशोरों पर डिजिटल प्लैटफॉर्म के प्रभाव को परखने वाला एक महत्वपूर्ण परीक्षण बन चुका है.
कानूनी लड़ाई के केंद्र में जिम्मेदारी बनाम पर्सनल फैक्टर
मामले में मूल वादी, जिन्हें अदालत में केवल उनके नाम के इनीशियल्स K.G.M के रूप में पहचाना गया, का दावा है कि सोशल मीडिया उपयोग ने उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया.इंस्टाग्राम की मूल कंपनी Meta का तर्क है कि वादी के अनुभवों के पीछे अन्य व्यक्तिगत और सामाजिक कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं. मुकदमे में YouTube को भी प्रतिवादी बनाया गया है, जबकि Snapchat और TikTok पहले ही समझौते के जरिये अलग हो चुके हैं.
‘अत्यधिक उपयोग’ की परिभाषा पर सवाल
गवाही के दौरान मोसेरी ने स्पष्ट किया कि इंस्टाग्राम उपयोग की सीमा तय करना आसान नहीं है. उनके अनुसार, किसी के लिए अधिक समय तक प्लैटफॉर्म पर सक्रिय रहना समस्या हो सकता है, तो किसी दूसरे के लिए वही अनुभव सकारात्मक भी हो सकता है. उन्होंने इसे एक व्यक्तिगत स्थिति बताया, जहां उपयोग की मात्रा से अधिक महत्व यूजर के एक्सपीरिएंस और असर का है.
‘क्लिनिकल एडिक्शन’ बनाम ‘समस्यात्मक उपयोग’
मोसेरी ने अदालत में यह रेखांकित किया कि ‘क्लिनिकल एडिक्शन’ और ‘प्रॉब्लेमेटिक यूज’ में फर्क समझना आवश्यक है. उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि किसी शो को देर रात तक लगातार देखना अक्सर लोग मजाक में ‘एडिक्शन’ कह देते हैं, लेकिन चिकित्सकीय दृष्टि से यह अलग अवधारणा है. हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि वे नशा या लत से जुड़े चिकित्सा विशेषज्ञ नहीं हैं.
बुलिंग और सुरक्षा पर उठे सवाल
वादी पक्ष के वकील Mark Lanier ने Meta के एक आंतरिक सर्वे का उल्लेख किया, जिसमें बड़ी संख्या में यूजर्स द्वारा बुलिंग देखने या झेलने की बात सामने आई. साथ ही, K.G.M द्वारा सैकड़ों शिकायतें दर्ज करने का मुद्दा भी उठाया गया. मोसेरी ने स्वीकार किया कि उन्हें इन खास डिटेल्स की जानकारी नहीं थी, लेकिन उन्होंने दोहराया कि सुरक्षा उनके प्लैटफॉर्म की प्राथमिकता है.
इमेज फिल्टर विवाद पर चर्चा
मुकदमे में 2019 के एक ईमेल के जरिये हुई बातचीत का जिक्र हुआ, जिसमें फोटो फिल्टर फीचर के संभावित नकारात्मक प्रभावों पर चिंता जताई गई थी.मोसेरी के अनुसार, कंपनी ने मेकअप प्रभावों से आगे बढ़ने वाले फिल्टर पर रोक लगाने का निर्णय लिया था, हालांकि बाद में इस नीति में संशोधन किया गया.
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