भारत में डिजिटल पेमेंट का सबसे लोकप्रिय माध्यम यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) मार्च 2026 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. त्योहारों और वित्त वर्ष की समाप्ति के चलते लेनदेन में भारी उछाल देखने को मिला. भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के अनुसार, इस महीने UPI के जरिए कुल लेनदेन का मूल्य 29.53 लाख करोड़ रुपये और संख्या 22.64 अरब रही, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है.
लेनदेन मूल्य और संख्या में वृद्धि
मार्च 2026 में UPI लेनदेन का कुल मूल्य 19% बढ़कर 29.53 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि फरवरी की तुलना में इसमें 10% की वृद्धि दर्ज की गई. लेनदेन की संख्या भी 24% बढ़कर 22.64 अरब तक पहुंच गई. फरवरी में यह आंकड़ा 20.39 अरब था.
त्योहारों का असर
होली और ईद जैसे बड़े त्योहारों वाले इस महीने में औसत दैनिक लेनदेन 73 करोड़ रहा. इनका औसत मूल्य प्रतिदिन 95,243 करोड़ रुपये दर्ज किया गया. यह दर्शाता है कि त्योहारों के दौरान डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है.
वैश्विक स्तर पर UPI
आज भारत में होने वाले कुल डिजिटल लेनदेन में UPI की हिस्सेदारी 85% है. वैश्विक स्तर पर भी इसका योगदान बड़ा है, जहां रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट्स में UPI की हिस्सेदारी लगभग 50% है.
UPI अब भारत से बाहर भी विस्तार कर चुका है और यूएई, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस और मॉरीशस जैसे सात देशों में सक्रिय है. फ्रांस में इसकी शुरुआत यूरोप में UPI का पहला कदम है.
सुरक्षा और भरोसा
हाल ही में RBI ने UPI के लिए 2-स्टेप वेरीफिकेशन नियम लागू किया है. इसमें पहला सत्यापन बैंक से जुड़े मोबाइल नंबर पर आधारित है और दूसरा UPI PIN पर. इससे लेनदेन तेज और सुरक्षित हो गया है, साथ ही अनधिकृत पहुंच पर रोक लग जाती है.
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