UPI ठप हुआ तो क्या हुआ? अपनाएं ये 4 आसान तरीके, नहीं आएगी दुकानों में बर्तन धोने की नौबत

देश में प्रमुख UPI ऐप्स के जरिए लेन-देन आमतौर पर बिना किसी परेशानी के होते हैं, लेकिन कभी-कभार तकनीकी कारणों से इनमें रुकावट आ जाती है. यहां हम आपको बता रहे हैं कुछ अहम टिप्स, जिनकी मदद से आप UPI बंद होने की स्थिति में भी बिना देरी के अपना भुगतान पूरा कर सकते हैं.

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) सेवाएं आज के समय में भुगतान का सबसे लोकप्रिय और महत्वपूर्ण माध्यम बन गई हैं. हालांकि, कई बार ऐसा भी होता है जब GPay, Paytm, PhonePe जैसे ऐप्स अस्थायी रूप से ठप हो जाते हैं, जिससे यूजर्स को पेमेंट करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. ऐसे मुश्किल हालात में हम आपके लिए लाए हैं कुछ स्मार्ट विकल्प, जिनकी मदद से आप आसानी से अपने भुगतान और लेनदेन को पूरा कर सकते हैं. आइए जानते हैं UPI के अलावा आप कैसे इन 5 तरीकों की मदद से पेमेंट कर सकते हैं.

UPI फेल हो जाने पर अपनाएं ये तरीके

इंटरनेट बैंकिंग

अगर कभी UPI सेवाएं ठप हो जाती हैं, तो इंटरनेट बैंकिंग एक कारगर विकल्प के रूप में उपलब्ध रहता है. NEFT (नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर) और RTGS (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) जैसी सुविधाएं यूजर्स को आसानी से पैसे ट्रांसफर करने की सुविधा देती हैं. हालांकि इनसे लेनदेन में यूपीआई की तुलना में कुछ मिनट अधिक लग सकते हैं, लेकिन ये विकल्प आपात स्थिति में तेज और भरोसेमंद माने जाते हैं.

ATM से कैश निकालें बिना डेबिट कार्ड के

अब एटीएम से पैसे निकालने के लिए डेबिट कार्ड की जरूरत नहीं रह गई है. कई बैंक अब कार्डलेस कैश विड्रॉल की सुविधा दे रहे हैं, जिसमें यूजर्स अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी के जरिए पैसा निकाल सकते हैं. यह सुविधा उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है जो अचानक कैश की जरूरत में डेबिट कार्ड के बिना फंस जाते हैं.

यह भी पढ़ें: UPI Meta क्या है? NPCI बदलेगा डिजिटल पेमेंट का तरीका, यूपीआई यूजर्स को मिलेगा यह नया फीचर

अलग UPI ऐप इस्तेमाल करें

यदि कोई ऐप काम नहीं कर रहा है, तो किसी अन्य विकल्प का उपयोग करें. गूगल पे, फोनपे, पेटीएम जैसे कई लोकप्रिय यूपीआई ऐप्स मौजूद हैं, जिनमें से किसी एक का चयन किया जा सकता है. अक्सर देखा गया है कि तकनीकी समस्या केवल एक प्लेटफॉर्म तक ही सीमित होती है और अस्थायी होती है.

अपने बैंक की आधिकारिक ऐप का उपयोग करें

बैंक से भुगतान करने के लिए अपने बैंक की आधिकारिक मोबाइल ऐप जैसे SBI योनो, HDFC मोबाइल बैंकिंग आदि खोलें और क्यूआर (QR) कोड को स्कैन करें. अधिकांश बैंकिंग ऐप्स में UPI भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध होती है.

यह भी पढ़ें: PhonePe ले कर आया ‘UPI Circle’ फीचर, अब परिवार वालों के लिए भी आप कर पाएंगे पेमेंट

टेक्नोलॉजी की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >