TRAI का बड़ा अपडेट: DND और MySpeed ऐप में जुड़े नए फीचर्स, यूजर्स को मिलेंगे फायदे

TRAI के DND और MySpeed ऐप में नए फीचर्स जोड़े गए हैं. दोनों ऐप्स में मल्टीलिंगुअल इंटरफेस दिया गया है. एक नया 'Know Your Sender' फीचर भी जोड़ा गया है. इसकी मदद से आप यह पहचान सकेंगे कि मैसेज भेजने वाला रजिस्टर्ड हेडर है या फिर कोई प्रमोशनल नंबर सीरीज.

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी TRAI यूजर्स की सुविधा के लिए DND ऐप और MySpeed ऐप ऑफर करती है. हाल ही में इन ऐप्स में कुछ नए बदलाव और फीचर्स जोड़ने की बात की गई है. आइए जानते हैं कि इन ऐप्स में अब क्या-क्या नया अपडेट आपको देखने को मिलेगा.

DND ऐप में क्या हुआ बदलाव?

सबसे पहले बात करते हैं TRAI के DND ऐप की. इस ऐप को अब नए फीचर्स के साथ अपडेट किया गया है. इस बार सबसे खास चीज है इसका मल्टीलिंगुअल इंटरफेस. यानी अब आप ऐप खोलते ही अपनी पसंद की भाषा चुन सकते हैं. ऐप बनाने वालों का कहना है कि अलग-अलग भाषाओं का सपोर्ट मिलने से देशभर के ज्यादा लोग स्पैम की शिकायत आसानी से कर पाएंगे और ज्यादा एक्टिव होकर हिस्सा लेंगे.

इतना ही नहीं, ऐप की होम स्क्रीन को भी अब पहले से ज्यादा आसान और साफ-सुथरा बना दिया गया है. साथ ही इसमें ऐसे फीचर्स जोड़ दिए गए हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग स्पैम कॉल की शिकायत कर सकें. शिकायत दर्ज करने का प्रोसेस भी अब पहले से काफी आसान हो गया है. शिकायत का स्टेटस एक रेफरेंस आईडी नंबर के जरिए ट्रैक किया जा सकेगा.

इसके अलावा, ऐप में ‘Know Your Sender’ नाम का नया फीचर भी ऐड किया गया है. इसकी मदद से यूजर्स रजिस्टर्ड हेडर्स और 1600 नंबर सीरीज के बारे में जानकारी ले सकेंगे. सबसे आखिर में, DND सेटिंग्स को भी बेहतर किया गया है. इससे यूजर अपनी जरूरत के हिसाब से प्रमोशनल मैसेज और कॉल्स को कस्टमाइज तरीके से ब्लॉक कर सकें.

नया MySpeed ऐप 

अब आगे बढ़ते हैं और नए MySpeed ऐप की बात करते हैं. जहां DND ऐप को पुराने ऐप में ही अपडेट के रूप में जोड़ा गया है, वहीं MySpeed ऐप पूरी तरह से नया लॉन्च किया गया है. अगर कोई यूजर पुराना MySpeed ऐप डाउनलोड करता है, तो उसे खुद ही एक मैसेज मिल जाएगा कि वह नया और बेहतर वर्जन इस्तेमाल करे.

अब फीचर्स की बात करें तो यह ऐप यूजर्स को अपना डाउनलोड और अपलोड स्पीड चेक करने की सुविधा देता है. इसके साथ-साथ यह लेटेंसी, जिटर और पैकेट लॉस जैसी जरूरी चीजें भी मापता है. रोजमर्रा की यूज वाली सिचुएशन को टेस्ट करने के लिए इसमें वीडियो स्ट्रीमिंग और वेब ब्राउजिंग टेस्ट भी दिए गए हैं. और जो यूजर्स थोड़ा एडवांस लेवल पर चीजें समझना चाहते हैं, उनके लिए इसमें लगातार टेस्ट करने और शेड्यूल सेट करके टेस्ट करने का ऑप्शन भी मौजूद है

यह भी पढ़ें: भारत का टेलीकॉम सब्सक्राइबर बेस 1.3 अरब पार, जानिए किसने जीता बाजार

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Ankit Anand

अंकित आनंद, डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में एक उभरते हुए कंटेंट राइटर हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. उन्हें पत्रकारिता में 2 साल से अधिक का अनुभव है और इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई है. अंकित मुख्य रूप से स्मार्टफोन लॉन्च, टेलीकॉम अपडेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी खबरें, गैजेट्स रिव्यू और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों पर काम करते हैं. इसके साथ ही वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से जुड़ी जरूरी और ट्रेंडिंग खबरों को भी कवर करते हैं. वह कार और बाइक से जुड़ी हर खबर को सिर्फ एक एंगल से नहीं, बल्कि टेक्निकल, यूजर एक्सपीरियंस और मार्केट ट्रेंड्स जैसे हर पहलू से समझकर पेश करते हैं. उनकी लेखन शैली सरल, स्पष्ट और यूजर्स-फर्स्ट अप्रोच पर बेस्ड है, जिसमें Gen Z की पसंद और उनकी डिजिटल समझ को भी ध्यान में रखा जाता है. बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. अपनी पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बारीकियों को समझा और धीरे-धीरे टेक और ऑटो जर्नलिज्म की ओर अपना फोकस बढ़ाया. शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने Zee News में करीब 1 साल तक काम किया, जहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क वर्क, कंटेंट रिसर्च और न्यूज राइटिंग की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उन्हें तेजी से बदलते न्यूज रूम माहौल में काम करने की क्षमता और खबरों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने की कला सिखाई. अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें सिर्फ जानकारी नहीं देतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की लाइफस्टाइल और फैसलों को भी असर डालती हैं. इसी सोच के साथ वह SEO-ऑप्टिमाइज्ड, रिसर्च-बेस्ड और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करते हैं, ताकि पाठकों को सही और उपयोगी जानकारी आसानी से मिल सके.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >