ALERT: आपका भी इंस्टाग्राम हो सकता है हैक, सावधान रहें और ये तरीके अपनाएं

Tech Tips: साइबर एक्सपर्ट बताते हैं कि इंस्टाग्राम या फेसबुक, दोनों की हैकिंग के पहले यूजर को कोई लालच दिया जाता है, या एक ऐसा मैसेज भेजा जाता है जिसके साथ वह खुद को इंगेज करे. ये मैसेज ऐसे हो सकते हैं जैसे कि...

Tech Tips: साइबर दुनिया के साथ हैकिंग का जुड़ाव शुरू से ही है. बड़ी बड़ी वेबसाइट्स के साथ साथ कई बड़े अकाउंट्स को भी हैक किया जाता है. भारत में मंत्रालयों की वेबसाइट के साथ साथ सुप्रीम कोर्ट के यूट्यूब चैनल तक के हैक होने के मामले में देखने को मिले हैं. बात करें सोशल मीडिया अकाउंट्स के हैकिंग की, तो बीते दिनों देश में धड़ल्ले से इंस्टाग्राम के अकाउंट हैक हो रहे हैं, और इन अकाउंट्स से तुरंत ही इन्वेस्टमेंट, क्रिप्टो इत्यादि को प्रोमोट करने वाले पोस्ट किये जा रहे हैं. कई लोगों से अकाउंट रिकवर करने के लिए पैसे भी मांगे गए हैं.

ओरिजिनल अकाउंट का ऐक्सेस ले लेते हैं हैकर्स

इंस्टाग्राम अकाउंट का हैक होना, इंस्टाग्राम इंपर्सनेशन से अलग होता है. एक ओर जहां इंपर्सनेशन में एक तरह के दिखने वाले ही दूसरे अकाउंट बनाये जाते हैं, वहीं हैकिंग के माध्यम से ओरिजिनल अकाउंट का ही ऐक्सेस ले लिया जाता है. बात करें इंस्टाग्राम और फेसबुक पेज के हैकिंग और इनके तरीकों की, तो इसमें हैकर्स फिशिंग प्रक्रिया का इस्तेमाल करते हैं. हमारे साइबर लॉ एक्सपर्ट साइबर लॉयर और लेक्स साइबर अटॉर्नीज के संस्थापक अंकित देव अर्पण ने इंस्टाग्राम और फेसबुक पेज के हैकिंग के तरीकों पर जानकारी दी है.

लिंक पर क्लिक करें

साइबर एक्सपर्ट बताते हैं कि इंस्टाग्राम या फेसबुक, दोनों की हैकिंग के पहले यूजर को कोई लालच दिया जाता है, या एक ऐसा मैसेज भेजा जाता है जिसके साथ वह खुद को इंगेज करे. ये मैसेज ऐसे हो सकते हैं जैसे कि दूसरे यूजर ने किसी बड़े अवाॅर्ड में खुद को नॉमिनेट किया है और आप उसे किसी लिंक पर जाकर वोट कर सकते हैं. यह ऐसा भी हो सकता है कि अगर आप कोई इन्वेस्टमेंट करके एक दिन में प्रॉफिट कमाना चाहते हैं, तो इस लिंक पर क्लिक करें. यह किसी रिवार्ड कूपन को रिडीम करने के लिए, स्पिन एंड विन के लिए, या अपने अकाउंट को साइबर क्राइम से प्रोटेक्ट करने के लिए हो सकता है.

यह होती है फिशिंग

ऐसे में जब यूजर इस लिंक पर क्लिक करता है, तो वह एक ऐसे पेज पर जाता है जिसका इंटरफेस हुबहू इंस्टाग्राम की तरह होता है. चूंकि वह किसी लाभ या किसी वोट इत्यादि के बारे में सोच रहा होता है, तो वह उस पेज पर लॉगिन करने का प्रयास करता है. यूजरनेम और पासवर्ड डालते ही उसका क्रिडेंशियल लिंक ओरिजिनेटर को चला जाता है. चूंकि यह फिशिंग होती है, जहां यूजर के क्रिडेंशियल्स के लिए डमी वेबसाइट बनायी जाती है, जिस पर जो भी इनपुट किया जाएगा वह लिंक बनाने वाले के पास ऑटोमैटिक चला जाएगा. इससे तुरंत ही आपके आईडी और पासवर्ड का यूज करते हुए आपके अकाउंट को ऐक्सेस किया जाता है, और तुरंत ही उसका नंबर/ईमेल तथा पासवर्ड बदल दिया जाता है, जिससे यूजर का अकाउंट हैक हो जाता है.

फेसबुक पर ऐसे होती है फिशिंग

वहीं, फेसबुक पेज की हैकिंग के संबंध में साइबर लॉयर अंकित देव अर्पण बताते हैं कि फेसबुक पेज पर मैसेज या उससे जुड़े नंबर पर टेक्स्ट, एवं ई-मेल एड्रेस पर मेल कर के फेसबुक पेज पर बड़े ब्रांड्स के ऐड चलाने का प्रलोभन दिया जाता है और इस ऐड को चलाने के लिए बड़ी रकम देने की बात कही जाती है. ऐसे में यूजर तुरंत ही इसे स्वीकार कर इसमें आगे बढ़ने की इच्छा दिखाते हैं. ऐसे में यूजर्स को फेसबुक बिजनेस मैनेजर का लिंक भेजा जाता है और उसके एडमिन ऐक्सेस में एक ई-मेल आईडी जोड़ने को कहा जाता है. फेसबुक की टर्मिनोलॉजी में आप अपने एसेट्स अर्थात पेज का ऐक्सेस बिजनेस मैनेजर के माध्यम से किसी दूसरे को स्थानांतरित कर सकते हैं. ऐसे में जैसे ही यूजर दूसरा ई-मेल एड्रेस बिजनेस मैनेजर में जोड़ता है, अपने आप वह पेज का ऐक्सेस ट्रांसफर कर देता है, जिससे उसका पेज पूरी तरह हैक हो जाता है.

हैकर्स का मुख्य उद्देश्य एक बड़े ऑडियंस तक सीधा पहुंचना

हमारे एक्सपर्ट बताते हैं कि इंस्टाग्राम या फेसबुक हैक करने का मुख्य उद्देश्य एक बड़े ऑडियंस तक सीधा पहुंचना है, साथ ही अपने प्रोडक्ट्स या सर्विसेज को इस ऑडियंस तक पहुंचाने के लिए ऐसा किया जाता है. साथ ही, आज कल क्रिप्टो और शेयर मार्केट के कई डमी वेबसाइट्स क्रिएट किये जाते हैं, जहां लोगों का पैसा इन्वेस्ट कराया जाता है. कई बार ये हैकर्स अकाउंट ऐक्सेस को वापस देने के लिए पैसे की डिमांड करते हैं और यूजर मजबूरी में इन्हें बड़ा अमाउंट ट्रांसफर भी करते हैं.

आपकी सावधानी में है सुरक्षा

ऐसी स्थिति से बचने के लिए हमारे एक्सपर्ट ने सलाह दी कि हमेशा Two Factor Authentication को एनेबल रखें. वहीं दूसरी ओर किसी भी अनधिकृत लिंक पर क्लिक नहीं करें. पैसे कमाने और इन्वेस्टमेंट प्रॉफिट के शॉर्ट कट तरीकों पर विश्वास नहीं करें. साथ ही, किसी अन्य प्रलोभन जैसे पेज पर एडवरटाइजमेंट इत्यादि से बचें. अकाउंट हैक होने पर फेसबुक या सोशल मीडिया के हेल्प सेक्शन को विजिट करें, नोडल अधिकारी को ई-मेल के माध्यम से सूचित करें. अकाउंट हैक होने के बाद किसी भी तरह के लेन-देन से बचें, और विशेष परिस्थिति में cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या अपने नजदीकी थाने में विजिट करें.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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