Rajat Patidar SIM Card: रजत पाटीदार के सिम से हुआ कांड आपके साथ भी हो सकता है, खतरा न बन जाए आपका पुराना सिम

Rajat Patidar SIM Card: रजत पाटीदार की पुरानी सिम छत्तीसगढ़ के युवक को अलॉट हो गई, जिससे उसे क्रिकेट सितारों के कॉल आने लगे. जानिए कैसे आपकी सिम भी खतरे में पड़ सकती है

Rajat Patidar SIM Card: छत्तीसगढ़ के एक युवक को अचानक विराट कोहली और एबी डिविलियर्स जैसे क्रिकेट सितारों के कॉल आने लगे.वजह? उसे क्रिकेटर रजत पाटीदार की पुरानी सिम अलॉट हो गई थी! यह घटना न सिर्फ चौंकाने वाली है, बल्कि एक जरूरी चेतावनी भी है- आपकी पुरानी, बिना रिचार्ज वाली सिम भी किसी और को दी जा सकती है.

पहले पूरा मामला समझ लीजिए (What Is Rajat Patidar SIM Card Mishap)

आईपीएल टीम आरसीबी कप्तान रजत पाटीदार की एक लापरवाही ने छत्तीसगढ़ के माडागांव निवासी मनीष को अचानक सुर्खियों में ला दिया. पाटीदार ने 90 दिनों तक अपना मोबाइल नंबर रिचार्ज नहीं कराया, जिससे वह नंबर बंद होकर 21 वर्षीय मनीष को दे दिया गया. 28 जून को सिम एक्टिवेट करते ही मनीष को व्हाट्सऐप पर पाटीदार की प्रोफाइल फोटो दिखी. जल्द ही उसे विराट कोहली और एबी डिविलियर्स जैसे नामों से कॉल आने लगे. 15 जुलाई को खुद को पाटीदार बताकर एक कॉल आई, जिसमें नंबर लौटाने की गुजारिश की गई. मनीष ने मजाक में जवाब दिया, लेकिन उसी दिन पुलिस घर पहुंची. साइबर सेल की मदद से मनीष के पिता से नंबर वापस लिया गया और पाटीदार को लौटा दिया गया.

दूसरी सिम का झंझट: ऑफर के चक्कर में खतरा

हममें से कई लोग दूसरी सिम ऑफर या पर्सनल-ऑफिस लाइफ को अलग रखने के लिए लेते हैं. लेकिन जब उस सिम को रिचार्ज नहीं किया जाता, तो वह बंद हो सकती है. टेलीकॉम कंपनियां ऐसे नंबरों को फिर से अलॉट कर देती हैं, जिससे आपकी निजी जानकारी किसी और के पास जा सकती है.

कितने दिन तक एक्टिव रहती है बिना रिचार्ज की सिम?

बीएसएनएल थोड़ा दयालु है, लेकिन बाकी कंपनियों में सिम जल्दी बंद हो सकती है।

कैसे बचें इस मुसीबत से?

अपनी दूसरी सिम को समय-समय पर रिचार्ज करते रहें.

कम से कम सबसे छोटा रिचार्ज जरूर कराएं.

अगर सिम का इस्तेमाल नहीं हो रहा, तो उसे बंद कराने की प्रक्रिया अपनाएं.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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