मोबाइल नंबर से खुल रही लाइव लोकेशन! इस वेबसाइट से यूजर्स की सिट्टी-पिट्टी गुम

ProxyEarth वेबसाइट से सिर्फ मोबाइल नंबर डालते ही नाम, पता और लाइव लोकेशन लीक हो रही है. करोड़ों भारतीयों की प्राइवेसी खतरे में.

भारत में डेटा प्राइवेसी पर सबसे बड़ा खतरा मंडरा रहा है. एक वेबसाइट ProxyEarth ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है कि सिर्फ मोबाइल नंबर डालते ही किसी भी यूजर की पूरी जानकारी सामने आ जाती है. नाम, पिता का नाम, घर का पता और यहां तक कि किस टेलीकॉम टावर के पास फोन मौजूद है, सब कुछ खुलकर सामने आ रहा है.

ProxyEarth क्या है और कैसे काम करती है?

ProxyEarth नाम की यह वेबसाइट भारत में करोड़ों मोबाइल यूजर्स का डेटा लीक कर रही है. इसमें फोन नंबर डालते ही टेलीकॉम रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारियां खींच ली जाती हैं. कई बार यह टेलीकॉम टावरों से ट्रांगुलेशन डेटा लेकर लाइव लोकेशन भी दिखा देती है. यानी किसी की रियलटाइम की मौजूदगी तक ट्रैक हो सकती है.

वेबसाइट बनाने वाला कौन है?

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस वेबसाइट के पीछे राकेश नाम का शख्स है, जो खुद को प्रोग्रामर और वीडियो एडिटर बताता है. वह पहले से ही कुछ पायरेटेड वेबसाइटें चला रहा था. उसका दावा है कि ProxyEarth में इस्तेमाल किया गया डेटा पहले से इंटरनेट पर लीक हो चुका था और वह इसे केवल ट्रैफिक खींचने और अपने अन्य प्रोडक्ट्स का प्रचार करने के लिए इस्तेमाल कर रहा है.

क्यों है यह लीक बेहद खतरनाक?

यह लीक सिर्फ प्राइवेसी का उल्लंघन नहीं बल्कि बड़े वित्तीय घोटालों की जड़ भी बन सकता है. नाम, पता और ईमेल जैसी जानकारियां स्कैमर्स के लिए सोने की खान साबित हो सकती हैं. किसी की पहचान चुराकर फर्जी लेन-देन करना बेहद आसान हो जाएगा. यही वजह है कि इसे अब तक का सबसे खतरनाक डेटा लीक माना जा रहा है.

अभी भी लाइव है वेबसाइट

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ProxyEarth अब तक बिना किसी रोक-टोक के इंटरनेट पर मौजूद है. यह लगभग एक सप्ताह से सक्रिय है और इसके पीछे का व्यक्ति सोशल मीडिया पर भी खुलकर सक्रिय है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इतनी बड़ी सुरक्षा चूक पर कार्रवाई कब होगी.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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