दो साल बाद फोन की बैटरी क्यों ढीली पड़ जाती है? जानिए असली वजहें

Phone Battery Tips: जानें क्यों स्मार्टफोन बैटरी दो साल बाद तेजी से कमजोर होने लगती है. एक्सपर्ट्स की राय, यूजर्स का एक्सपीरिएंस और असली वजहों की आसान भाषा में जानकारी

Phone Battery Tips: स्मार्टफोन यूजर्स की सबसे आम शिकायत यही है कि दो साल बाद फोन की बैटरी पहले जैसी दमदार नहीं रहती. सुबह 100% चार्ज किया फोन दोपहर तक हांफने लगता है. डिवाइस ठीक चलता है, पर बैटरी जवाब दे देती है. आखिर ऐसा क्यों होता है? विशेषज्ञों और यूज़र्स के अनुभव बताते हैं कि इसके पीछे विज्ञान, आदतें और कुछ गलतफहमियां- तीनों जिम्मेदार हैं.

लिथियम-आयन बैटरी की उम्र होती है सीमित

आधुनिक स्मार्टफोन लिथियम-आयन बैटरी पर चलते हैं, जो तेज और भरोसेमंद तो होती हैं, लेकिन हमेशा के लिए नहीं बनीं. इंजीनियरों के मुताबिक, सामान्य उपयोग में इनकी औसत उम्र करीब दो साल मानी जाती है. रोजाना चार्जिंग साइकल और अंदरूनी केमिकल एजिंग के कारण बैटरी की क्षमता धीरे-धीरे घटती जाती है. यही वजह है कि कई लोग दो साल बाद फोन बदलना ही आसान समझते हैं.

कई बार गलती बैटरी की नहीं, आपकी आदतों की होती है

कई यूजर्स को बाद में पता चलता है कि असली समस्या बैटरी नहीं, बल्कि फोन के इस्तेमाल का तरीका है. बैकग्राउंड में चल रहे ऐप्स, लोकेशन सर्विसेज, ब्लूटूथ, वाई-फाई स्कैनिंग और हाई स्क्रीन टाइमआउट- ये सब बैटरी को चुपचाप चूसते रहते हैं. iPhone और Android दोनों में बैकग्राउंड ऐप्स को बंद न करना बैटरी ड्रेन की बड़ी वजह बनता है.

बैटरी हेल्थ रिपोर्ट हमेशा पूरी सच्चाई नहीं बताती

कई बार फोन 90% बैटरी हेल्थ दिखाता है, लेकिन ठंड में अचानक बंद हो जाता है या तेजी से डिस्चार्ज होता है. विशेषज्ञ बताते हैं कि बैटरी हेल्थ सिर्फ क्षमता दिखाती है, स्थिरता नहीं. बैटरी के अंदर कुछ सेल्स कमजोर हो जाते हैं, जो रिपोर्ट में साफ नहीं दिखते. ऐसे मामलों में बैटरी बदलना ही बेहतर विकल्प होता है.

फोन की उम्र भी असर डालती है

चार साल से ज्यादा पुराने फोन की बैटरी अक्सर थकी हुई हो जाती है. ऐसे में चार्ज पकड़ने की क्षमता कम हो जाती है, भले ही फोन अभी भी ठीक काम कर रहा हो. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अगर बैटरी बदलने और नया फोन लेने की कीमत में ज्यादा अंतर नहीं है, तो नया फोन लेना समझदारी है. लेकिन अगर अंतर बड़ा है, तो बैटरी रिप्लेसमेंट काफी है.

iPhone यूजर्स के लिए खास सलाह

Apple आमतौर पर 80% से नीचे बैटरी हेल्थ होने पर रिप्लेसमेंट की सलाह देता है. हालांकि, अगर आपका फोन अभी भी आपकी जरूरत के हिसाब से चल रहा है, तो तुरंत बदलने की जरूरत नहीं. लेकिन अनऑथराइज्ड बैटरी लगवाने से फोन की वॉटर रेजिस्टेंस खत्म हो सकती है और बैटरी लाइफ भी कम हो सकती है.

अंत में फैसला आपका, बैटरी बदलें या फोन

अगर आपका फोन जल्दी डिस्चार्ज हो रहा है और काम में बाधा डाल रहा है, तो बैटरी बदलना ही सही है. लेकिन अगर आपको रनटाइम से कोई दिक्कत नहीं, तो बैटरी को कुछ समय और चलने दें, इससे फोन को कोई नुकसान नहीं होता.

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By Rajeev kumar

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