भारत सरकार ने टेलीग्राम पर बड़े पैमाने पर हो रही फिल्म और ओटीटी कंटेंट की पायरेसी को रोकने के लिए कड़ा कदम उठाया है. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत टेलीग्राम को नोटिस जारी कर प्लैटफॉर्म से पायरेटेड सामग्री हटाने का निर्देश दिया है. यह कार्रवाई ओटीटी प्लैटफॉर्म्स जैसे जियोसिनेमा और अमेजन प्राइम वीडियो की शिकायतों के बाद की गई है, जिन्होंने टेलीग्राम पर कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाया था.
3142 चैनल्स पर शिकंजा
सरकारी जांच में पाया गया कि टेलीग्राम पर कुल 3142 चैनल्स पायरेटेड फिल्मों और ओटीटी कंटेंट का डिस्ट्रीब्यूशन कर रहे थे. इन चैनलों के जरिये लाखों यूजर्स तक अवैध सामग्री पहुंच रही थी, जिससे कंटेंट क्रिएटर्स और ओटीटी कंपनियों को भारी नुकसान हो रहा था.
नये आईटी नियमों का असर
अक्टूबर 2025 में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने आईटी नियमों में संशोधन किया था. ये संशोधन 15 नवंबर 2025 से लागू होंगे और इंटरमीडियरी प्लैटफॉर्म्स पर अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और वरिष्ठ स्तर पर जिम्मेदारी तय करने की व्यवस्था प्रावधान करते हैं. खासतौर पर Rule 3(1)(d) के तहत अब इंटरमीडियरी को कोर्ट आदेश या सरकारी नोटिस मिलने पर तुरंत अवैध सामग्री हटानी होगी.
यूजर्स और इंडस्ट्री पर क्या होगा असर?
इस कदम से जहां कंटेंट क्रिएटर्स और ओटीटी प्लैटफॉर्म्स को राहत मिलेगी, वहीं यूजर्स को भी सुरक्षित और वैलिड कंटेंट तक पहुंच तय होगी. सरकार का उद्देश्य ऑनलाइन स्पेस को सुरक्षित और जिम्मेदार बनाना है ताकि डिजिटल इकोसिस्टम में विश्वास कायम रहे.
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