8 आसान टिप्स अपनाएं और आपका पुराना फ्रिज देने लगेगा नये जैसी कूलिंग

अगर आपका फ्रिज पहले जैसा ठंडा नहीं कर रहा है, तो इन 8 आसान टिप्स को अपनाएं. सील चेक करें, कॉइल साफ करें, सही तापमान सेट करें और फ्रिज को सही जगह पर रखें.

अगर आपका फ्रिज पहले जैसी कूलिंग नहीं कर रहा है, तो इसका मतलब यह नहीं कि उसे बदलना पड़ेगा. कुछ छोटे-छोटे मेंटेनेंस टिप्स अपनाकर आप पुराने फ्रिज को भी नये जैसा ठंडा बना सकते हैं.

1. दरवाजे की सील चेक करें

अगर सील ढीली या टूटी हुई है तो ठंडी हवा बाहर निकल जाती है. पेपर टेस्ट करें- अगर दरवाजे में रखा पेपर आसानी से गिर जाए तो सील बदलवानी होगी.

2. कंडेंसर कॉइल साफ रखें

कॉइल पर धूल और पालतू जानवरों के बाल जम जाते हैं, जिससे कंप्रेसर पर दबाव बढ़ता है.कॉइल को नियमित रूप से साफ करें ताकि कूलिंग बेहतर हो.

3. एयरफ्लो मेंटेन करें

फ्रिज को जरूरत से ज्यादा न भरें. ज्यादा सामान रखने से हवा का प्रवाह रुक जाता है और कूलिंग घट जाती है. दरवाजा भी बार-बार खोलने से बचें.

4. सही जगह पर रखें

फ्रिज को सीधी धूप या गैस स्टोव के पास रखने से वह ज्यादा गर्म हो जाता है. पीछे कुछ इंच का गैप छोड़ें ताकि हीट आसानी से बाहर निकल सके.

5. गरम खाना ठंडा करके रखें

गरम खाना सीधे फ्रिज में रखने से अंदर का तापमान बढ़ जाता है. पहले उसे ठंडा करें और फिर फ्रिज में रखें.

6. सही तापमान सेट करें

फ्रिज का आदर्श तापमान 3°C से 5°C और फ्रीजर का -18°C होना चाहिए. गलत सेटिंग से कूलिंग पर असर पड़ताहै.

7. सही से ऑर्गनाइज करें

दरवाजे का हिस्सा सबसे गर्म होता है. दूध और अंडे जैसे जल्दी खराब होने वाले सामान को अंदर वाले हिस्से में रखें.

8. दरवाजा बंद रखें

फ्रिज खोलने से पहले सोच लें कि क्या निकालना है. जितना कम दरवाजा खुलेगा, उतनी बेहतर कूलिंग बनी रहेगी.

यह भी पढ़ें:: चिलचिलाती गर्मी में फ्रिज का कंप्रेसर हो सकता है ब्लास्ट, जानें ओवरहीटिंग से बचाने के उपाय

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >