साफ-सफाई में हुई ये छोटी सी चूक माइक्रोवेव को बना देंगी कबाड़, जान लें क्या है सही तरीका

Microwave Cleaning Tips: माइक्रोवेव खरीदने से ज्यादा जरूरी होता है उसकी अच्छी से देख भाल करना. अक्सर जाने अनजाने में हम ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिसकी वजह से माइक्रोवेव जल्दी खराब हो जाता है. इसलिए यह जानना जरूरी है कि माइक्रोवेव साफ करते वक्त किन चीजों से हमें बचना चाहिए, ताकि रोज की मेंटेनेंस सेफ और असरदार रहे.

Microwave Cleaning Tips: माइक्रोवेव अब किचन में दिखनी वाली एक आम डिवाइस बन चुकी है. लेकिन माइक्रोवेव में कुछ गिर जाए या खाना उछलकर फैल जाए, तो हम बिना सोचे-समझे जल्दबाजी में उसे साफ कर देते हैं. लेकिन जल्दी-जल्दी की गई ये सफाई की आदतें धीरे-धीरे माइक्रोवेव को नुकसान पहुंचा सकती हैं. इसलिए यह जानना जरूरी है कि माइक्रोवेव साफ करते वक्त किन चीजों से हमें बचना चाहिए, ताकि रोज की मेंटेनेंस सेफ और असरदार रहे. आइए जानते हैं.

माइक्रोवेव को प्लग में लगा कर साफ न करें

सफाई करते समय अक्सर हम ये देखना भूल जाते हैं कि माइक्रोवेव का प्लग सॉकेट से निकला है या नहीं. लेकिन सफाई में नमी तो होती ही है, और चालू बिजली के पास थोड़ा-सा गीला कपड़ा भी खतरे की वजह बन सकता है. सफाई के दौरान माइक्रोवेव का प्लग निकाल देने से इससे करंट लगने या मशीन के खराब होने का रिस्क खत्म हो जाता है.

हार्ड क्लीनर का इस्तेमाल न करें

जब दाग आसानी से नहीं निकलते, तो अक्सर लोग हार्ड क्लीनर उठा लेते हैं. लेकिन ऐसा करना नुकसानदेह हो सकता है. हार्ड केमिकल वाले क्लीनर माइक्रोवेव के अंदर अपनी परत छोड़ जाते हैं, जो बाद में खाने की भाप के साथ मिल सकती है. हार्ड केमिकल क्लीनर की जगह हल्का बर्तन धोने वाला लिक्विड या थोड़ा सा पतला किया हुआ नेचुरल क्लीनर ज्यादा फायदेमंद रहता है.

ज्यादा जोर से न रगड़े

जमी हुई गंदगी देखकर लोग अक्सर माइक्रोवेव को बहुत तेजी से रगड़ने लगते हैं. स्टील वूल या खुरदरे स्क्रबर दाग तो हटा देते हैं, लेकिन अंदर की सतह पर खरोंच भी डाल देते हैं. इसलिए हल्के कपड़े से थोड़ा धैर्य रखकर सफाई करना ज्यादा बेहतर रहता है और अंदर की सतह भी सेफ रहती है.

पोंछते समय जरूरत से ज्यादा पानी यूज न करें

अक्सर हमें लगता है कि जितना ज्यादा पानी होगा, उतनी अच्छी सफाई होगी. लेकिन हकीकत में ज्यादा नमी वेंट्स या कंट्रोल पैनल के अंदर जा सकती है. इससे कुछ समय बाद जंग लगने या इलेक्ट्रिक खराबी जैसी दिक्कतें आ सकती हैं.

माइक्रोवेव के अंदर सीधे क्लीनर न स्प्रे करें

सीधे माइक्रोवेव के अंदर क्लीनर स्प्रे आसान लगता है, लेकिन इससे लिक्विड ऐसे कोनों में पहुंच सकता है जहां आप अच्छे से पोंछ नहीं सकते. यह फंसी हुई नमी माइक्रोवेव के अंदर के पार्ट्स को नुकसान पहुंचा सकती है. इसलिए क्लीनर पहले कपड़े पर लगाना बेहतर है, इससे कंट्रोल आसान हो जाता है और जरूरी हिस्से भी सूखे रहते हैं.

यह भी पढ़ें: Microwave में स्टील और एल्युमिनियम के बर्तन में खाना क्यों नहीं गर्म करना चाहिए? जानिए क्या है इसके पीछे की वजह

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >