16 फरवरी से शुरू हुआ AI Impact Summit 2026 इस समय भारत में चल रहा है. लेकिन कल यानी 18 फरवरी को इवेंट में हंगामा हो गया. मामला एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी से जुड़ा था. समिट में यूनिवर्सिटी ने एक रोबोट डॉग दिखाया था, जिसे उन्होंने अपना इनोवेशन बताया. बाद में पता चला कि वो रोबोट डॉग असल में चीन की कंपनी Unitree से खरीदा गया था और बस उसका नाम बदलकर पेश कर दिया गया. देखते ही देखते सोशल मीडिया पर बवाल मच गया. लोगों ने न सिर्फ यूनिवर्सिटी बल्कि पूरे इवेंट की भरोसेमंदी पर सवाल उठाने शुरू कर दिए.
इसी बीच एक भारतीय स्टार्टअप जेनरल ऑटोनोमी (General Autonomy) सामने आया और उसने अपना खुद का ‘होम-बिल्ट’ रोबोट डॉग लॉन्च कर दिया. रोबोट डॉग का नाम कंपनी ने ‘Param’ रखा है. कंपनी ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘Enough of this nonsense! पेश है PARAM. भारत का सबसे पावरफुल स्वदेशी रोबोट डॉग. न कहीं से जोड़कर बनाया गया, न खरीदा गया, बल्कि पूरी तरह भारत में, भारतीयों द्वारा बनाया गया. हमारे देश के लिए, हमारे दौर के लिए, और पूरी दुनिया के लिए.’ आइए इस मेड इन इंडिया रोबोडॉग के बारे में डिटेल में जानते हैं.
भारत का स्वदेशी रोबोडॉग ‘Param’
यह चार पैरों वाला रोबोट पूरी तरह से घरेलू प्रोजेक्ट के तौर पर General Autonomy ने तैयार किया है. आसान शब्दों में कहें तो ‘Param’ भारत की रोबोटिक्स दुनिया में एक बड़ा कदम है. पहले जहां हम बाहर से पार्ट्स मंगाकर सिर्फ असेंबल करते थे, वहीं अब हम खुद डिजाइन और एडवांस मशीनें बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं.
अगर इसकी बेसिक जानकारी की बात करें, तो इस रोबोडॉग में NVIDIA Jetson का ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) और एक्ट्यूएटर्स इस्तेमाल किए गए हैं. ये ही कुछ गिने-चुने पार्ट्स हैं जो भारत के बाहर से आए हैं, बाकी पूरा रोबोट देश में ही तैयार किया गया है.
रोबोडॉग्स की खूबियां
चार पैरों पर चलने वाले रोबोडॉग्स आजकल काफी चर्चा में हैं. ये ऐसे रोबोट होते हैं जिन्हें खास तौर पर ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर चलने, भारी सामान उठाने और मुश्किल जगहों पर चढ़ने के लिए बनाया जाता है. इसलिए इनका इस्तेमाल इंडस्ट्रियल इंस्पेक्शन, डिफेंस ऑपरेशन, रिसर्च मिशन और डिजास्टर रेस्पॉन्स जैसी जगहों पर खूब किया जाता है.
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