AI के बाद अब AGI की बारी, OpenAI और Google को टक्कर देने के लिए मार्क जुकरबर्ग ने कसी कमर, क्या चीज है यह?

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के अगले लेवल आर्टिफिशियल जेनरल इंटेलीजेंस (AGI) पर भी काम शुरू हो चुका है. चैटजीपीटी (ChatGPT) बनानेवाली ओपनएआई (OpenAI) और बार्ड (Bard) बनानेवाली गूगल (Google) के बाद मेटा (Meta) के चीफ मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) भी इस रेस में कूद गए हैं.

Meta Boss Mark Zuckerberg Bets on AGI Technology: आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस यानी एआई (AI) टेक्नोलॉजी पिछले कुछ दिनों से लगातार चर्चा में है. लगभग सभी दिग्गज टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तकनीक पर लगातार इनवेस्ट कर रही हैं. इस बीच आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के अगले लेवल आर्टिफिशियल जेनरल इंटेलीजेंस (AGI) पर भी काम शुरू हो चुका है. यह आज के दौर में मौजूद आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का ज्यादा पावरफुल वर्जन होगा. चैटजीपीटी (ChatGPT) बनानेवाली ओपनएआई (OpenAI) और बार्ड (Bard) बनानेवाली गूगल (Google) के बाद मेटा (Meta) के चीफ मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) भी इस रेस में कूद गए हैं.

OpenAI और Google के बाद Meta भी रेस में शामिल

आर्टिफिशियल जेनरल इंटेलीजेंस (AGI) को एआई के अगले लेवल के रूप में देखा जा रहा है. ओपनएआई (OpenAI) का मिशन इस आर्टिफिशियल जेनरल इंटेलीजेंस का निर्माण करना है. वहीं, गूगल डीपमाइंड (Google DeepMind) के कोफाउंडर और सीईओ डेमिस हेसाबिज का भी यही लक्ष्य है. अब मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग इस रेस में शामिल हो रहे हैं. मेटा का एआई रिसर्च ग्रुप FAIR मेटा के ऐप्स में जेनरेटिव एआई प्रोडक्ट्स बना रहा है. मेटा ने एआई सफलताओं को उसके अरबों यूजर्स तक सीधे पहुंचाने का लक्ष्य रखा है.

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मार्क जुकरबर्ग ने क्या कहा?

आर्टिफिशियल जेनरल इंटेलीजेंस (AGI) के बारे में मेटा के चल रहे प्रयासों पर मार्क जुकरबर्ग ने ‘द वर्ज’ को दिये एक इंटरव्यू में बताया, हम इस विचार पर पहुंचे हैं कि जो प्रोडक्ट्स हम बनाना चाहते हैं, उन्हें बनाने के लिए हमें जनरल इंटेलीजेंस का निर्माण करना होगा. मुझे लगता है कि यह बताना अहम है क्योंकि बहुत से सर्वश्रेष्ठ रिसर्चर्स अधिक महत्वाकांक्षी योजनाओं पर काम करना चाहते हैं. एआई टैलेंट के लिए लड़ाई इतने बड़े पैमाने पर कभी नहीं पहुंची.

एआई टैलेंट वॉर पर मार्क जुकरबर्ग की राय

मार्क जुकरबर्ग ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस इंडस्ट्री में इंटेंस टैलेंट वॉर पर भी अपनी राय साझा की है. उन्होंने कहा, हम वहां इंटेंस टैलेंट वॉर के आदी हैं. लेकिन यहां अलग-अलग गतिशीलताएं हैं, कई कंपनियां एक ही प्रोफाइल के लिए जा रही हैं, और बहुत सारे वीसी और लोग अलग-अलग परियोजनाओं पर पैसा लगा रहे हैं, जिससे यह आसान हो गया है. लोग बाहरी तौर पर अलग-अलग चीजें शुरू करते हैं.

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एएफपी की एक रिपोर्ट के अनुसार, एलन मस्क की एक्सएआई, ओपनएआई और अन्य सहित एआई कंपनियां जेनरेटिव एआई मॉडल विकसित करने के लिए प्रोग्रामर और विचारकों को आकर्षित करने के लिए संघर्ष कर रही हैं. द इन्फॉर्मेशन का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि गूगल अपने शोधकर्ताओं को अवैध शिकार से बचाने के लिए स्टॉक मुआवजे की पेशकश करता है, जबकि ओपनएआई अपने कर्मचारियों को कई मिलियन डॉलर के पैकेज की पेशकश करता है. इसके अलावा, रिपोर्ट में कहा गया है कि ये कर्मचारी उन कंपनियों में काम करना चाहते हैं जो मानव-स्तरीय एआई बनाने के विचार के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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Author: Rajeev Kumar

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