4850 रुपये हर घंटे कमाने का मौका दे रही Meta, हिंदी में AI के लिए करना है काम

Meta AI Job Vacancy: मेटा भारत में हिंदी समेत अन्य भाषाओं में AI चैटबॉट्स विकसित करने के लिए विशेषज्ञों की भर्ती कर रही है. जानिए पात्रता, उद्देश्य और भुगतान की पूरी जानकारी

Meta AI Job Vacancy: फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा अब भारत में हिंदी भाषा के जानकारों को एक सुनहरा मौका दे रही है. कंपनी अपने AI चैटबॉट्स को स्थानीय भाषाओं और संस्कृति के अनुरूप ढालने के लिए अमेरिकी ठेकेदारों के माध्यम से हिंदी विशेषज्ञों की नियुक्ति कर रही है. इस काम के लिए प्रति घंटे 55 डॉलर यानी करीब ₹4,850 तक का भुगतान किया जाएगा. यह कदम मेटा के AI विस्तार की वैश्विक रणनीति का हिस्सा है.

क्या है मेटा की योजना?

मेटा व्हाट्सऐप, मैसेंजर और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कैरेक्टर-आधारित AI चैटबॉट्स विकसित कर रही है. इन चैटबॉट्स का उद्देश्य यूजर्स को अधिक व्यक्तिगत और सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक अनुभव देना है. इसके लिए कंपनी विभिन्न भाषाओं में पारंगत पेशेवरों की मदद ले रही है, जिससे भारत जैसे बहुभाषी देश में AI की उपस्थिति को मजबूती मिले.

पात्रता और योग्यता

मेटा की इस भर्ती प्रक्रिया में क्रिस्टल इक्वेशन और एक्वेंट टैलेंट जैसी स्टाफिंग फर्मों की भूमिका अहम है. इन पदों के लिए उम्मीदवारों को निम्नलिखित योग्यताओं की आवश्यकता होगी:

  • हिंदी, इंडोनेशियाई, स्पेनिश या पुर्तगाली भाषा में प्रवीणता
  • कहानी कहने और कैरेक्टर निर्माण में दक्षता
  • AI कंटेंट निर्माण में कम से कम 6 वर्षों का अनुभव

ये नियुक्तियां कॉन्ट्रैक्चुअल बेसिस पर की जाएंगी, जिससे उम्मीदवारों को काम में फ्लेक्सिबिलिटी और बढ़िया पेमेंट, दोनों मिलेगा.

उद्देश्य और रणनीति

मेटा का यह प्रोजेक्ट CEO मार्क जुकरबर्ग के उस विजन का हिस्सा है, जिसमें AI साथियों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाया जा रहा है. कंपनी चाहती है कि उसके चैटबॉट्स न केवल तकनीकी रूप से सक्षम हों, बल्कि स्थानीय भाषा और संस्कृति को भी समझें. इससे यूजर एक्सपीरियंस और ब्रांड कनेक्ट दोनों में सुधार होगा.

भारत में AI का विस्तार

भारत में इंटरनेट यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है और हिंदी भाषा में कंटेंट की मांग भी. मेटा इस अवसर को भुनाने के लिए AI को स्थानीय भाषाओं में ढाल रही है. यह कदम न केवल तकनीकी विकास को बढ़ावा देगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी खोलेगा.

Viral Video Fact Check: चीन ने क्या सच में नदी में उतार दी है AI रोबोटिक मछली? आखिर चाहता क्या है ड्रैगन?

AI कैसे बन रहा ‘मॉडर्न डे टीचर’, क्या यह ले पाएगा गुरुजी की जगह?

Top AI Tools 2025: सैम ऑल्टमैन का ChatGPT फिर बना चैम्पियन, एलन मस्क का Grok रह गया पीछे

14 साल के सिद्धार्थ का AI हेल्थ ऐप, 7 सेकंड में लगाता है दिल की बीमारी का पता

ChatGPT Free vs ChatGPT Go vs ChatGPT Plus: जानें तीनों में क्या है अंतर और आपके लिए कौन-सा रहेगा बेस्ट

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव, 14 वर्षों से मल्टीमीडिया जर्नलिज्म में एक्टिव हैं. टेक्नोलॉजी में खास इंटरेस्ट है. इन्होंने एआई, एमएल, आईओटी, टेलीकॉम, गैजेट्स, सहित तकनीक की बदलती दुनिया को नजदीक से देखा, समझा और यूजर्स के लिए उसे आसान भाषा में पेश किया है. वर्तमान में ये टेक-मैटर्स पर रिपोर्ट, रिव्यू, एनालिसिस और एक्सप्लेनर लिखते हैं. ये किसी भी विषय की गहराई में जाकर उसकी परतें उधेड़ने का हुनर रखते हैं. इनकी कलम का संतुलन, कंटेंट को एसईओ फ्रेंडली बनाता और पाठकों के दिलों में उतारता है. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >