JIO 5G के बाद 6G और AI में भी गाड़ेगा झंडे, फाइल किये 4 हजार से ज्यादा पेटेंट

जियो प्लैटफॉर्म्स लिमिटेड (JPL) ने 4,000+ पेटेंट फाइल कर भारत सरकार से ‘राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा पुरस्कार’ और WIPO ट्रॉफी जीती. 5G, 6G और AI टेक्नोलॉजी में अग्रणी भूमिका निभाते हुए, जियो भारत को ग्लोबल टेक लीडर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.

>Jio ने 4,000 से अधिक पेटेंट दायर किये
>दूरसंचार, डिजिटल टेक्नोलॉजी और AI से जुड़े पेटेंट शामिल
>भारत सरकार और WIPO ने सम्मानित किया

Jio New Update: भारत की अग्रणी डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लैटफॉर्म्स लिमिटेड (Jio Platforms Ltd – JPL) को दो प्रतिष्ठित बौद्धिक संपदा पुरस्कार मिले हैं. भारत सरकार ने जियो को राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया, वहीं वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गेनाइजेशन (WIPO) ने भी जियो को ट्रॉफी प्रदान की. यह सम्मान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल द्वारा नयी दिल्ली में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रदान किये गए.

Jio ने 4,000+ पेटेंट दायर किये

पिछले तीन वर्षों में Jio ने 4,000 से अधिक पेटेंट दायर किये हैं, जिनमें प्रमुख रूप से 5G, 6G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), और डिजिटल टेक्नोलॉजी से जुड़े इनोवेशन शामिल हैं.

Jio के इन पेटेंट्स का उद्देश्य स्वदेशी तकनीकी विकास को बढ़ावा देना और तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है. इन क्षेत्रों में अभी तक अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का प्रभुत्व था, लेकिन जियो के इन प्रयासों से भारत को एक वैश्विक टेक्नोलॉजी लीडर के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी.

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Jio की इनोवेशन लीडरशिप

Jio प्लैटफॉर्म्स लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आयुष भटनागर ने पुरस्कार ग्रहण करते हुए कहा-

यह सम्मान हमारे इनोवेशन-केंद्रित दृष्टिकोण और डिजिटल तकनीकों में भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है. Jio, 5G, 6G और AI जैसी अगली पीढ़ी की तकनीकों में नेतृत्व कर रहा है, जो भारत को डिजिटल युग में नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगा.

भारत सरकार के ‘Viksit Bharat 2047’ से Jio की प्रतिबद्धता

Jio ने कहा कि उसकी बौद्धिक संपदा रणनीति भारत सरकार के ‘विकसित भारत 2047’ विजन से जुड़ी हुई है. इस पहल का उद्देश्य स्वदेशी इनोवेशन, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और आत्मनिर्भर तकनीकी विकास को बढ़ावा देना है.

भारत सरकार ने 6G तकनीक के अनुसंधान और विकास (R&D) को प्राथमिकता दी है और Jio इस क्षेत्र में पहले से ही मजबूत स्थिति में है. इस उपलब्धि से भारत के डिजिटल भविष्य को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा.

डिजिटल और तकनीकी आत्मनिर्भरता के सफर में आगेJio द्वारा दायर 4,000+ पेटेंट यह दर्शाते हैं कि भारत अब केवल टेक्नोलॉजी कंज्यूमर नहीं, बल्कि एक ग्लोबल इनोवेशन हब बन रहा है. इस उपलब्धि के साथ Jio ने यह साबित कर दिया है कि वह भारत के डिजिटल और तकनीकी आत्मनिर्भरता के सफर में सबसे आगे है.

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By Rajeev kumar

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