आखिर किस टेक्नोलॉजी की मदद से बज उठे करोड़ों स्मार्टफोन? जानें सरकार के इस खास सिस्टम के बारे में

SACHET Alert System: सरकार ने एक ऐसा अलर्ट सिस्टम तैयार किया है जो आपदा के समय तुरंत लोगों के मोबाइल पर अलर्ट भेज देता है. यह टेक्नोलॉजी लोकेशन के आधार पर काम करती है और कुछ ही सेकंड में लाखों-करोड़ों डिवाइस तक संदेश पहुंचा देती है, ताकि लोग समय रहते सेफ रह सकें. आइए इस सिस्टम के बारे में डिटेल में जानते हैं.

शनिवार को अगर आपके स्मार्टफोन पर अचानक तेज बीप की आवाज आई हो, तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. यह भारत सरकार द्वारा किए जा रहे एक खास टेस्ट का हिस्सा है. दरअसल, सरकार एक नए डिजास्टर अलर्ट सिस्टम की जांच कर रही है. यह प्राकृतिक आपदाओं के समय कुछ ही सेकंड में करोड़ों लोगों तक चेतावनी पहुंचा सकता है.

इस एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के सेंटर में है SACHET. यह एक इंटीग्रेटेड अलर्ट सिस्टम है जिसे खास तौर पर इमरजेंसी में लोगों को समय रहते अलर्ट करने के लिए तैयार किया गया है. इसका मकसद साफ है. आपदा आने से पहले हर नागरिक तक जरूरी जानकारी तेजी से पहुंचाना, ताकि जान-माल का नुकसान कम से कम हो सके.

SACHET क्या है?

SACHET एक खास टेक्नोलॉजी है. इसे लोगों तक बेहद जरूरी चेतावनियां तुरंत पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है. आसान शब्दों में कहें, तो किसी भी आपदा या आपात स्थिति में यह आपके स्मार्टफोन पर सीधे अलर्ट भेजता है, ताकि आप समय रहते अलर्ट हो सकें. इस अलर्ट सिस्टम को दूरसंचार विभाग (DoT) के तहत काम करने वाली टेलीकॉम रिसर्च संस्था Centre for Development of Telematics ने तैयार किया है. वहीं, इसका संचालन National Disaster Management Authority (NDMA) के साथ मिलकर किया जाता है.

यह सिस्टम Common Alerting Protocol यानी CAP पर काम करता है. इसे International Telecommunication Union जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्था भी मान्यता देती है. आसान भाषा में कहें तो, इसका मकसद यही है कि लोगों तक पहुंचने वाले अलर्ट पूरी तरह भरोसेमंद, ठीक-ठाक और बिना किसी देरी के उनके मोबाइल या अन्य डिवाइसेज तक तुरंत पहुंच सकें.

SACHET एक ऐसा अलर्ट सिस्टम है, जो लोगों तक SMS के जरिए समय पर जरूरी जानकारी पहुंचाता है. इसकी खास बात यह है कि यह लोकेशन के आधार पर सिर्फ उन्हीं लोगों को अलर्ट भेजता है, जो वास्तव में प्रभावित हो सकते हैं. यानी जहां खतरा है, वहीं सूचना पहुंचेगी.

SACHET सिस्टम कैसे काम करता है?

Press Information Bureau के मुताबिक, SACHET सिस्टम अब तक काफी बड़े स्तर पर यूज किया जा चुका है. सरकार देशभर में 19 भारतीय भाषाओं में 134 अरब से ज्यादा अलर्ट मैसेज भेज चुकी है. इन मैसेज के जरिए लोगों को खराब मौसम, चक्रवात, बाढ़ और दूसरी आपात स्थितियों के बारे में समय रहते चेतावनी दी जाती है.

भारत जैसे विशाल और अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले देश में यह बेहद जरूरी है कि हर व्यक्ति अपनी भाषा में अलर्ट समझ सके. यही वजह है कि SACHET की पहुंच इतनी असरदार हो रही है.

इतना ही नहीं, सरकार अब SMS के साथ-साथ Cell Broadcast (CB) टेक्नोलॉजी को भी तेजी से लागू कर रही है. इसकी खासियत यह है कि किसी खास इलाके में मौजूद सभी मोबाइल फोन्स पर एक साथ अलर्ट पहुंच जाता है. इससे नेटवर्क पर दबाव नहीं पड़ता और जरूरी संदेश बिना देरी के लोगों तक पहुंच जाते हैं.

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By Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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