Geyser Tips: आपका भी गीजर पानी गर्म करने में ले रहा ज्यादा समय? टेक्नीशियन बुलाने से पहले खुद ऐसे करें ठीक

Geyser Tips: अगर आप भी कई दिनों नोटिस कर रहे हैं कि आपका गीजर पानी गर्म करने में ज्यादा समय ले रहा है तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. अगर ऐसा हो रहा है तो हो सकता है इस दौरान गीजर ज्यादा बिजली भी खा रहा हो. लेकिन टेंशन की बात नहीं है, टेक्नीशियन बुलाने से पहले ये 5 आसान उपाय अपनाकर गीजर की हीटिंग स्पीड बढ़ा सकते हैं.

Geyser Tips: कड़ाके की ठंड बढ़ते ही कई लोग अपने गीजर का इस्तेमाल करने लगे हैं. अगर आपने भी कुछ दिनों से नोटिस किया है कि पानी गर्म करने में गीजर ज्यादा समय ले रहा है तो इसके पीछे कुछ कारण हो सकते हैं. हो सकता है कि गीजर सिर्फ धीमा ही नहीं चल रहा हो, बल्कि इस दौरान ज्यादा बिजली भी खा रहा हो.

अक्सर ऐसा होना इस बात का संकेत होता है कि आपके गीजर को थोड़ी देखभाल और मेंटेनेंस की जरूरत है. टेक्नीशियन को बुलाने या नया गीजर लेने का फैसला करने से पहले, इन 5 आसान उपायों को जरूर आजमा कर देखें. ये न सिर्फ आपके गीजर को जल्दी पानी गर्म करने में मदद करेंगे, बल्कि बिजली की बचत भी करेंगे. आइए आपको बताते हैं.

हीटिंग एलिमेंट को साफ करें या बदलें

हीटिंग एलिमेंट गीजर का सबसे अहम हिस्सा होता है और हार्ड वॉटर की वजह से इस पर समय के साथ खनिज जमने लगते हैं. पानी में मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम एलिमेंट पर एक परत बना देते हैं, जिससे गर्मी ठीक से ट्रांसफर नहीं हो पाती. इसका नतीजा यह होता है कि गीजर को पानी गर्म करने में ज्यादा समय लगता है और बिजली की खपत भी बढ़ जाती है.

अंदर वाले टैंक की सफाई (डिस्केलिंग) करें

गीजर के टैंक के अंदर समय के साथ पानी के मिनरल जमा हो जाते हैं, जो एक परत बना लेते हैं. यह परत इंसुलेटर की तरह काम करती है, जिससे पानी ठीक से और बराबर गर्म नहीं हो पाता. अगर स्केल ज्यादा जम जाए, तो टैंक में जंग लगने या लीकेज होने का खतरा भी बढ़ जाता है. सर्विसिंग के दौरान टेक्नीशियन से टैंक की डिस्केलिंग जरूर करवाएं, जिसमें खास केमिकल से जमा हुई परत को साफ किया जाता है. 

थर्मोस्टेट की सेटिंग चेक करें

थर्मोस्टेट यह तय करता है कि पानी कितना गर्म होगा. कई लोग बिजली बचाने के चक्कर में इसकी तापमान सेटिंग बहुत कम कर देते हैं, जिससे पानी गर्म होने में ज्यादा समय लगने लगता है. थर्मोस्टेट को 50°C से 60°C के बीच सेट रखें, ताकि गर्म पानी भी ठीक मिले और बिजली की खपत भी बैलेंस रहे.

सही पावर सप्लाई का ध्यान रखें

गीजर को सही तरीके से काम करने के लिए लगातार और स्थिर वोल्टेज चाहिए होता है. अगर वोल्टेज 200 वोल्ट से नीचे चला जाए, तो पानी सही से गर्म नहीं होता और अंदर के पार्ट्स खराब होने का खतरा भी रहता है. इसलिए अच्छी क्वालिटी का स्टेबलाइजर यूज करें ताकि वोल्टेज बराबर बना रहे.

पानी का प्रेशर सही करें

कई बार दिक्कत गीजर में नहीं, बल्कि पानी के फ्लो में होती है. जब पानी का प्रेशर कम होता है, तो टंकी धीरे भरती है और पानी गर्म होने में भी ज्यादा समय लग जाता है. पाइप या प्रेशर वाल्व में जमी गंदगी को साफ करें और यह चेक करें कि पानी की सप्लाई बराबर आ रही हो. अगर फिर भी प्रेशर कम रहता है, तो किसी प्लंबर से पाइप में लीकेज या ब्लॉकेज की जांच करवा लें.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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