भूल कर भी एयरप्लेन में न ले जाएं ये 4 गैजेट्स, सफर से पहले जान लें नियम

Flight luggage Rule: अगर आप भी अक्सर हवाई यात्रा करते हैं या करने की योजना बना रहे हैं तो फ्लाइट में न ले जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों के बारे में जरूर पता होना चाहिए. आइए जानते हैं ऐसे 4 गैजेट्स के बारे में जिन्हें प्लेन में ले जाना सही नहीं होता.

Flight luggage Rule: 12 जून को अहमदाबाद एयरपोर्ट से लंदन जा रही है एयर इंडिया का विमान उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही क्रैश हो गया. इस हादसे ने न केवल भारत के लोगों को बल्कि पूरी दुनिया को झकझोर के रख दिया. फिलहाल इस हादसे की जांच चल रही है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर एयर ट्रैवल के दौरान सुरक्षा नियमों के महत्व को उजागर कर दिया है.

अक्सर देखा गया है कि कई यात्री अनजाने में ऐसे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स अपने साथ ले जाते हैं, जो विमान की सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक साबित हो सकते हैं. आज हम आपको ऐसे चार डिवाइसेज के बारे में बताएंगे जिन्हें हवाई यात्रा के दौरान ले जाना या इस्तेमाल करना नियमों के विरुद्ध माना जाता है. आइए जानते हैं कि ये कौन-कौन से डिवाइस हैं और ये हवाई सुरक्षा के लिए किस तरह खतरा बन सकते हैं.

Flight luggage Rule: ये चार इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस हवाई यात्रा के दौरान न लें जाएं

27000 mAh से ज्यादा वाले पावरबैंक

आजकल पावर बैंक हर व्यक्ति की जरूरत बन चुका है, लेकिन हवाई यात्रा के दौरान इसके उपयोग को लेकर कुछ नियम होते हैं. यदि आपके पास 27000 mAh से अधिक क्षमता वाला पावर बैंक है, तो ये प्लेन में लेना जाना बिलकुल सेफ नहीं है. इतनी अधिक पावर वाली बैटरी विमान में आग लगने जैसी घटनाओं का कारण बन सकती है. आमतौर पर 10000 mAh या 20000 mAh तक के नॉर्मल पावर बैंक आप ले जा सकते हैं.

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ई-सिगरेट और वेप डिवाइस

ई-सिगरेट और वेपिंग डिवाइस को प्लेन में ले जाना खतरनाक माना जाता है. इनमें लिक्विड निकोटिन के अलावा लिथियम बैटरी भी होती है, जो अधिक तापमान में आग लगने या विस्फोट का कारण बन सकती है. कुछ एयरलाइंस इन्हें कैबिन बैग में ले जाने की इजाजत देती हैं, लेकिन उड़ान के दौरान इनका उपयोग पूरी तरह से मना है.

नॉन रिमूवेबल बैटरी वाले स्मार्ट बैग

इन दिनों बाजार में स्मार्ट बैग्स आ गए हैं जिनमें चार्जिंग पोर्ट, जीपीएस और वजन मापने जैसी लेटेस्ट फीचर्स दी गई हैं. हालांकि, यदि इन बैग्स में लगी लिथियम बैटरी को अलग नहीं किया जा सकता है, तो इन्हें चेक-इन लगेज के तौर पर ले जाना मना है. इसका कारण यह है कि अगर बैग को कार्गो सेक्शन में रखा गया और बैटरी में कोई खराबी आ गई, तो वह हादसे का कारण बन सकती है. 

बैटरी से चलने वाले अन्य डिवाइस

अक्सर हम यात्रा के दौरान ऐसे गैजेट्स साथ ले लेते हैं जिनमें छोटी मगर हाई पावर वाली बैटरियां फिट होती हैं, जैसे कि कैमरे, ड्रोन या हैंड हीटर. यदि इन्हें बिना जांच के साथ ले जाया जाए तो एयरपोर्ट की सुरक्षा प्रक्रिया में दिक्कत आ सकती है. ऐसे डिवाइस अनजाने में चालू हो जाएं तो विमान की तकनीकी प्रणाली पर असर डाल सकते हैं.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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