Airports Closed Fact Check: भारत में एयरपोर्ट एंट्री बैन की खबर हो रही वायरल, PIB ने बताया फर्जी

Fact Check: सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा दावा कि भारत के सभी एयरपोर्ट्स बंद कर दिए गए हैं, फेक निकला. PIB ने इसे भ्रामक और झूठा बताया है.

Airports Closed Fact Check | India Pakistan War: पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव और हवाई संघर्ष के बीच सोशल मीडिया पर एक वायरल मैसेज ने दावा किया कि भारत सरकार ने सभी एयरपोर्ट्स पर एंट्री बैन कर दी है. लेकिन यह दावा पूरी तरह से झूठा और भ्रामक है. प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इसे गलत बताते हुए इसका खंडन किया है.

Airports Closed Fact Check: क्या है वायरल मैसेज?

सोशल मीडिया पर तेजी से फैलते एक स्क्रीनशॉट में यह दावा किया गया कि भारत के सभी बड़ेएयरपोर्ट्स आम नागरिकों के लिए बंद कर दिए गए हैं और केवल मिलिट्री ऑपरेशंस की अनुमति दी गई है.

Airports Closed Fact Check: PIB का जवाब

PIB ने अपने आधिकारिक हैंडल पर स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा:”सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा दावा कि भारतीय एयरपोर्ट्स में एंट्री बैन कर दी गई है, पूरी तरह से फेक और मिसलीडिंगहै. भारत सरकार ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है.”

Airports Closed Fact Check: युद्ध के हालात और फर्जी सूचनाएं

गुरुवार रात पाकिस्तान की ओर से भारत पर अचानक हवाई हमला किया गया, जिसमें तीन पाकिस्तानी फाइटर जेट भारतीय सुरक्षा बलों द्वारा मार गिराए गए. एक पाकिस्तानी पायलट को राजस्थान से गिरफ्तार भी किया गया है.

इस बीच, सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और अफवाहें भी तेजी से फैल रही हैं. सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत और सरकारी स्रोतों पर ही भरोसा करें.

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Airports Closed Fact Check: कई सीमावर्ती इलाकों में ब्लैकआउट

भारतीय सेना ने सुरक्षा के तहत जम्मू, श्रीनगर, अमृतसर, पठानकोट, बीकानेर, भुज जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में ब्लैकआउट लागू कर दिया है. वहीं एयर डिफेंस सिस्टम जैसे S-400 की तैनाती और चौकसी को बढ़ा दिया गया है.

फर्जी है खबर

भारत में एयरपोर्ट एंट्री बैन की खबर फर्जी है.PIB और अन्य आधिकारिक एजेंसियों ने इसका खंडन किया है. कृपया किसी भी अफवाह को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच जरूर करें.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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