कम बिजली खपत के बाद भी आ रहा ज्यादा बिल? कहीं आपने भी तो नहीं की है ये गलती

Electricity Bill Reduce Tips: क्या कम बिजली का इस्तेमाल करने के बाद भी आपका बिल ज्यादा आ रहा है? अगर हां, तो फिर इसके लिए आपका मीटर रीडिंग जिम्मेदार हो सकता है. कई लोग इस बात से अनजान हैं कि मीटर रीडिंग भी ज्यादा बिजली बिल आने की एक वजह हो सकती है.

Electricity Bill Reduce Tips: महंगाई को लेकर आज हर कोई परेशान है. बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ कर रख दी है. ऐसे में हर कोई छोटी सी छोटी चीज में कटौती करने को मजबूर है. लेकिन फिर भी कहीं न कहीं बजट बिगड़ ही जाता है. वहीं, इस बढ़ती गर्मी में बिना पंखा-कूलर के काम नहीं चलने वाला. जिसके कारण बिजली बिल अलग ही सिर दर्द बन जाती है. कई लोग तो इसके कारण गर्मी से समझौता कर लेते हैं. लेकिन इसके बावजूद अगर आपका बिल ज्यादा आ रहा है तो फिर आपका मीटर रीडिंग इसका जिम्मेदार हो सकता है.

कई लोग ऐसा सोचते हैं कि ज्यादा बिजली बिल आने की वजह ज्यादा बिजली की खपत है. तो फिर आपको बता दें कि ऐसा नहीं है. कई बार कम बिजली खपत में भी ज्यादा बिजली बिल आ जाता है. जिस की वजह आपकी मीटर रीडिंग हो सकती है. अब ये या तो आपकी लापरवाही हो सकती है या फिर कोई और वजह लेकिन कई बार ज्यादा बिजली आने की वजह मीटर में उठ रहे रीडिंग है.

Tech Tips: गर्मियों में भूल कर भी स्मार्टफोन के कवर में न रखें नोट और कार्ड, बम की तरह फट जाएगा फोन

ये है मीटर रीडिंग ज्यादा आने की वजह

कई बार ज्यादा बिल आने की वजह आपके मीटर से जुडी एक तार भी हो सकती है. अक्सर लोग घर में मीटर लगने के दौरान उससे जुडी तार पर ज्यादा गौर नहीं करते. जिस कारण उन्हें बाद में ज्यादा बिजली बिल आने की समस्या से जूझना पड़ता है. दरअसल, मीटर लगाने के दौरान जो बिजली खंभे से आ रही एक तार को आपके मीटर से जोड़ा जाता है. इसके बाद बिजली की सप्लाई के लिए मीटर से दूसरी तरफ घर में तार को जोड़ा जाता है. ये तार ही ज्यादा बिजली खपत की वजह बन जाती है. भले ही आप अपने घर में ज्यादा बिजली का इस्तेमाल न करें लेकिन मीटर से जुडी यह तार अधिक रीडिंग का कारण बन जाती है.

न करें ये गलती

अक्सर मीटर से जुडी हुई बिजली सप्लाई की तार ज्यादा लंबी होने के कारण उसे मोड़कर गोलाई में एक ही जगह समेट दिया जाता है. मुड़े हुए होने के कारण तार में मैग्नेट बनता है. जिससे तार पर बिजली सप्लाई के दौरान ज्यादा लोड पड़ता है. यह लोड कॉइल के आपस में टकराने का कारण बन जाता है और बिजली सप्लाई में ज्यादा लोड पड़ने लगता है. ज्यादा लोड पड़ने के कारण फिर मीटर की रीडिंग भी ज्यादा स्पीड में भागने लगती है. इसलिए हमेशा घर के मीटर में लग रही तार को समेटकर नहीं रखना चाहिए. अगर एक्स्ट्रा तार बच रही है तो उसे हटा देने में ही भलाई है.

बार बार फोन हो जा रहा है डिस्चार्ज? अपना लें यह 5 टिप्स फिर दुगनी हो जाएगी बैटरी लाइफ

टेक्नोलॉजी की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rajeev kumar

राजीव, हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और प्रभातखबर डॉट कॉम में कार्यरत हैं. अपने 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारीय अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. आसान भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी कंटेंट राइटिंग की सबसे बड़ी पहचान है.

राजीव की एक्सपर्टीज स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग के साथ-साथ डिजिटल ट्रेंड्स जैसे टॉपिक्स में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, ऑफिशियल डेटा, कंपनी अपडेट्स और एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी यूजर्स तक पहुंचाते हैं.

डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. Google Discover और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारी भरे होते हैं, बल्कि यूजर्स की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, कॉम्पैरिजन-बेस्ड आर्टिकल्स और एक्सप्लेनर स्टोरीज को यूजर्स काफी पसंद करते हैं.

राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन, पॉजिटिव जर्नलिज्म और फीचर राइटिंग जैसे अलग-अलग बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई.

जमशेदपुर में जन्मे राजीव की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से हुई है. इसके बाद उन्होंने भारतीय विद्या भवन, पुणे से जर्नलिज्म ऐंड मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उनको आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में यूजर्स तक पहुंचाने में मदद करती है.

जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >