Zomato के सीईओ गोयल साहब के साथ गुरुग्राम के मॉल में गजब हो गया, पढ़ें पूरी खबर

Zomato orders Delivery: सोशल मीडिया पोस्ट पर अपना अनुभव साझा करते हुए गोयल ने कहा, अपने दूसरे ऑर्डर के दौरान, मुझे एहसास हुआ कि हमें सभी डिलीवरी साझेदारों के लिए काम करने की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए मॉल के साथ मिलकर काम करने की जरूरत है.

Zomato CEO Deepinder Goyal News: ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लैटफॉर्म जोमैटो के सीईओ गोयल साहब के साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र स्थित गुरुग्राम के एक मॉल में ऐसी घटना घटी, जो उन्होंने अपने जीवन में शायद ही कभी अनुभव की होगी. ऑनलाइन ऑर्डर पर खानपान के उत्पाद पहुंचाने वाली कंपनी जोमैटो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) दीपिंदर गोयल ने रविवार को कहा कि मॉल को डिलीवरी पार्टनर (ऑर्डर पर खान-पान के उत्पाद पहुंचाने वाले प्रतिनिधि) के प्रति अधिक मानवीय होने की जरूरत है. उन्होंने जोमैटो के लिए ऑर्डर लेने वाले डिलीवरी प्रतिनिधि के रूप में अपने अनुभव को साझा किया.

ज्यादा मानवीय होने की जरूरत

सोशल मीडिया पोस्ट पर अपना अनुभव साझा करते हुए गोयल ने कहा, अपने दूसरे ऑर्डर के दौरान, मुझे एहसास हुआ कि हमें सभी डिलीवरी साझेदारों के लिए काम करने की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए मॉल के साथ मिलकर काम करने की जरूरत है. …और मॉल को भी डिलीवरी साझेदारों के प्रति ज्यादा मानवीय होने की जरूरत है. आप क्या सोचते हैं?

लिफ्ट तो नहीं, सीढ़ियों से जाएं

उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए एक वीडियो भी पोस्ट किया. उन्होंने कहा, हम हल्दीराम से ऑर्डर लेने गुरुग्राम के एंबिएंस मॉल पहुंचे. हमें दूसरे प्रवेश द्वार से जाने के लिए कहा गया, लेकिन बाद में पता चला कि वे मुझे सीढ़ियों से जाने के लिए कह रहे हैं. डिलीवरी पार्टनर के लिए कोई लिफ्ट तो नहीं है, यह सुनिश्चित करने के लिए हम फिर से मुख्य प्रवेश द्वार से अंदर गए.

मॉल में प्रवेश नहीं मिला

गोयल ने कहा कि वह सीढ़ियों से तीसरी मंजिल पर गए, तो उन्हें पता चला कि डिलीवरी साझेदार मॉल में प्रवेश नहीं कर सकते और उन्हें ऑर्डर प्राप्त करने के लिए सीढ़ियों पर इंतजार करना पड़ता है. जोमैटो के सीईओ ने कहा, अपने साथी डिलीवरी साझेदारों के साथ मौज-मस्ती की और उनसे बहुमूल्य प्रतिक्रियाएं भी प्राप्त कीं. जोमैटो सीईओ ने कहा कि जब सीढ़ी के सुरक्षाकर्मी वहां से हटे तो वह अंततः ऑर्डर लेने के लिए अंदर घुसने में सफल हो गए.

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Author: Rajeev Kumar

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