दुकानदार ने असली iPhone कहकर कहीं नकली तो नहीं दे दिया? खरीदते समय ये 6 चीजें जरूर करें चेक

आजकल मार्केट में नकली या रिफर्बिश्ड iPhone असली बताकर बेचने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. कई बार लोग नए फोन का पैसा देते हैं लेकिन बदले में डुप्लीकेट या छेड़छाड़ किया हुआ iPhone पकड़ा दिया जाता है. अगर आप भी iPhone खरीदने जा रहे हैं या हाल ही में खरीदा है तो ये 6 चीजें जरूर चेक करें.

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से एक चौंका देनी वाली खबर सामने आई है. हुआ यूं है कि यहां 100 से ज्यादा iPhone अचानक बंद हो गए. ये सारे फोन खुद-ब-खुद रीसेट होकर ऑफ हो गए. खास बात यह है कि ये सभी iPhone एक ही दुकान से खरीदे गए थे और इनमें से ज्यादातर फाइनेंस पर लिए गए थे. कई लोगों का कहना है कि दुकानदार ने उन्हें नकली या सेकंड-हैंड iPhone थमा दिए. अब ऐसे में ये सवाल जरूरी हो जाता है कि iPhone खरीदते समय आखिर किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि बाद में किसी भी तरह की दिक्कत न आए. 

बॉक्स पर दिए Serial Number को चेक करें

iPhone की असलियत पता करने का सबसे आसान तरीका है कि उसका सीरियल नंबर चेक करें. सीरियल नंबर चेक करने के लिए सबसे पहले Settings > General > About में जाएं और Serial Number नोट करें. अब iPhone के बॉक्स पर लिखा Serial Number मैच करें. अगर दोनों नंबर आपको अलग-अलग दिखे, तो समझ जाइए फोन में गड़बड़ है.

इसके अलावा Apple की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर Check Coverage सेक्शन में Serial Number डालकर यह पता लगा सकते है कि फोन असली है या नहीं.

iPhone की Build Quality देखें

नकली iPhones की बॉडी, बटन और फिनिशिंग अक्सर असली iPhone जैसी नहीं होती. असली iPhone की फिनिश प्रीमियम होती है और बटन स्मूद चलते हैं. नकली फोन में बटन ढीले, स्क्रीन डल और किनारे खराब फिटिंग वाले होते हैं.

iOS की पहचान करें

असली iPhone हमेशा iOS पर चलते हैं, लेकिन नकली फोन ज्यादातर एंड्रॉयड बेस्ड iOS थीम के साथ आते हैं. इसलिए Settings का लेआउट, App Store, Siri, iMessage और FaceTime अच्छे से चेक करें. अगर इनमें से कोई भी फीचर ठीक से काम नहीं कर रहा है, तो फोन फेक हो सकता है.

Apple ID Login Try करें

नकली iPhones में Apple ID साइन-इन या iCloud ठीक से काम नहीं करता. अगर Apple ID लॉगिन में दिक्कत आती है, App Store खुल नहीं रहा या  iCloud Sync नहीं हो रहा, तो फोन नकली होने की पूरी संभावना है.

Camera और Performance टेस्ट करें

iPhone का कैमरा दुनिया में सबसे बेहतरीन माना जाता है, जबकि नकली फोन में कैमरा क्वालिटी बहुत खराब होती है. फोटो zoom करने पर grains दिखना, फोकस न होना, ऐप्स स्लो चलना, ये सब नकली iPhone के साइन होते हैं.

Charger और Accessories की क्वालिटी

डुप्लीकेट iPhone के साथ मिलने वाले चार्जर और केबल आमतौर पर बहुत हल्के और खराब क्वालिटी के होते हैं. असली Apple accessories की फिटिंग और फिनिशिंग काफी प्रीमियम होती है. इसलिए iPhone खरीदते समय ये सारी चीजें जरूर चेक करें.

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लेखक के बारे में

Published by: Ankit anand

शॉर्ट बायो

अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

काम के बारे में

अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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