Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI जैसी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी देश की आर्थिक ग्रोथ को कई गुना बढ़ाने का काम कर सकती हैं. उनके मुताबिक नई टेक्नोलॉजी प्रोडक्शन को तेज कर रही है और इंडस्ट्री को ज्यादा एफिशिएंट बना रही है.
नई तकनीक के साथ बढ़ती चुनौतियां
वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि जहां नई तकनीकें प्रोडक्शन बढ़ा रही हैं, वहीं इनके साथ पानी और ऊर्जा की मांग भी तेजी से बढ़ रही है. ऐसे में भविष्य की ग्रोथ के लिए रिसोर्सेज का सही और संतुलित इस्तेमाल बेहद जरूरी हो गया है.
इकोनॉमिक सर्वे का साफ संदेश
30 जनवरी को पेश हुए आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में AI को लेकर साफ शब्दों में कहा गया, कि भारत का AI भविष्य इस बात से तय नहीं होगा कि सबसे बड़ा मॉडल कौन बनाता है. असली मुकाबला इन चुनौतियों को बेहतर तरीके से संभालने का होगा.
किन सीमाओं से तय होगा AI का भविष्य
इकोनॉमिक सर्वे के मुताबिक, AI से जुड़ी सबसे बड़ी सीमाएं कंप्यूटिंग पावर, बिजली, स्किल्ड टैलेंट, रोजगार और पूंजी हैं. अगर भारत इन सभी मोर्चों पर संतुलन बना पाता है, तो AI देश की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है.
नीतियों को जोड़ने की जरूरत
सर्वे यह भी संकेत देता है कि AI से जुड़ी अलग-अलग नीतियां भले ही अलग दिखें, लेकिन इन सभी को एक साथ जोड़कर देखने की जरूरत है. तभी भारत AI के मौके का सही फायदा उठा पाएगा और लंबे समय में टिकाऊ विकास हासिल कर सकेगा.
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