AI मॉडल लॉन्चिंग से पहले सरकार से परमिशन जरूरी, स्टार्टअप को छूट

AI Model Testing Rule: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने परामर्श में नियमों का अनुपालन नहीं करने की स्थिति में आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी दी है.

AI Model Testing Rule : इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा है कि सरकार का कृत्रिम मेधा (एआई) पर परामर्श बड़ी कंपनियों और परीक्षण के दौर से गुजर रहे मंचों के लिए है. यह स्टार्टअप इकाइयों पर लागू नहीं होता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संबंधित प्रश्नों पर गूगल के कृत्रिम मेधा मंच की प्रतिक्रिया पर विवाद के बाद, सरकार ने एक मार्च को सोशल मीडिया और अन्य मंचों के लिए परामर्श जारी किया. इसमें परीक्षण स्तर पर एआई मॉडल को चिन्हित करने और गैरकानूनी सामग्री हटाने की बात शामिल है. Gemini के कारण Sundar Pichai की होगी Google से छुट्टी? जानें पूरा मामला

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मध्यस्थों और मंचों को जारी परामर्श में नियमों का अनुपालन नहीं करने की स्थिति में आपराधिक कार्रवाई की चेतावनी दी है. चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा है, जो परामर्श जारी किये गये हैं, वे बड़े मंचों के लिए है.

मंत्रालय से अनुमति की बात केवल बड़े मंचों के लिए है और यह बात स्टार्टअप पर लागू नहीं होगी. परामर्श का उद्देश्य बिना परीक्षण वाले एआई मंचों को भारतीय इंटरनेट पर उपयोग करने से रोकना है. Gemini AI ने पीएम मोदी पर दी गलत जानकारी, IT मंत्री ने चेताया तो Google ने दी यह सफाई

सभी डिजिटल मंचों को यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि अगर वे कृत्रिम मेधा मॉडल, बड़े भाषा मॉडल, ‘जेनरेटिव’ एआई, सॉफ्टवेयर का उपयोग कर रहे हैं, तो उसमें कोई भी गैरकानूनी सामग्री नहीं हो. वे ऐसी किसी भी गलत सामग्री को प्रदर्शित, अपलोड, प्रसारित आदि करने की अनुमति नहीं देंगे.

परामर्श में परीक्षण के स्तर पर, गैर-भरोसेमंद एआई मॉडल, जेनरेटिव एआई आदि का उपयोग और उपयोगकर्ताओं के लिए इसकी उपलब्धता सरकार की स्पष्ट अनुमति के साथ होगी. साथ ही इंटरनेट पर उपयोगकर्ताओं के लिए इसकी उपलब्धता उपयुक्त जानकारी वाला ‘लेबल’ लगाने के बाद ही उसे रखने को कहा गया है.

चंद्रशेखर ने कहा, अनुमति लेने की प्रक्रिया, लेबलिंग और परीक्षण के दौर से गुजर रहे मंचों के बारे में उपयोगकर्ता के लिए खुलासा, मंचों के लिए बीमा पॉलिसी है. ऐसा नहीं होने पर उपभोक्ता मुकदमा दायर कर सकता है. भारत के इंटरनेट की सुरक्षा और भरोसा सरकार, उपयोगकर्ताओं और मंचों के लिए एक साझी जिम्मेदारी और लक्ष्य है.

उल्लेखनीय है कि गूगल के कृत्रिम मेधा मंच जेमिनी ने प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों के बारे में विवादित टिप्पणियां कीं. प्रधानमंत्री के बारे में पूछे गए सवालों पर जेमिनी की प्रतिक्रिया पर सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. चंद्रशेखर ने इसे आईटी कानून का उल्लंघन बताया.

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Author: Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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