Geyser Replacement Signs: आपका भी गीजर दे रहा ये 5 संकेत? फौरन हो जाएं अलर्ट, नहीं तो बढ़ जाएंगी मुश्किलें

Geyser Replacement Signs: बाकी मशीनों की तरह गीजर की भी एक तय उम्र होती है. समय के साथ इसकी काम करने की क्षमता कम होने लगती है और परफॉर्मेंस भी डाउन हो जाती है. अगर आपके गीजर में ये 5 चेतावनी संकेत दिख रहे हैं, तो समय रहते नया गीजर लेना समझदारी है, ताकि महंगे रिपेयर और अचानक खराबी से बचा जा सके.

Geyser Replacement Signs: गीजर अब हर घर में एक ऐसा जरूरी मशीन हो गया जो नहाने, खाना बनाने, बर्तन धोने और कपड़े साफ करने जैसे कामों के लिए गर्म पानी देता है. लेकिन बाकी मशीनों की तरह गीजर की भी एक तय उम्र होती है. समय के साथ इसकी काम करने की क्षमता कम होने लगती है और परफॉर्मेंस भी गिरती जाती है, जिसके बाद इसे बदलने की जरूरत पड़ती है.

अगर आपके गीजर में भी ये 5 संकेत नजर आने लगे हैं, तो देर किए बिना नया गीजर लेने का फैसला करना समझदारी होगी. इससे आप महंगे रिपेयर के खर्च और अचानक होने वाली खराबी से बच सकते हैं. आइए जानते हैं वो कौन-से संकेत हैं, जिन पर आपको ध्यान देना चाहिए.

गीजर से अजीब आवाजें आना 

अगर गीजर से तेज आवाजें, गड़गड़ाहट या पॉप-पॉप जैसी आवाज आने लगे, तो इसका मतलब हो सकता है कि टैंक के अंदर गंदगी या तलछट जम गई है. यह जमाव पानी को जरूरत से ज्यादा गर्म कर देता है, जिससे गीजर की काम करने की कैपेसिटी कम हो जाती है. समय पर ध्यान न देने पर इससे मशीन डैमेज सकता है और टैंक फटने का खतरा भी बन सकता है.

बार-बार खराब होना 

अगर आपका गीजर साल में कई बार खराब हो चुका है, तो यह इस बात का संकेत है कि अब उस पर ज्यादा दिन तक भरोसा करना मुश्किल है. ऐसे में बार-बार रिपेयर कराने की बजाय नए गीजर के बारे में सोचना बेहतर रहेगा. 

पानी का टेम्परेचर एक जैसा न रहना

अगर नहाते या इस्तेमाल करते समय पानी कभी बहुत गरम और कभी अचानक ठंडा हो जाता है, तो यह इस बात का संकेत है कि गीजर के हीटिंग एलिमेंट या थर्मोस्टैट में खराबी आने लगी है. ऐसी में गीजर सही तरीके से काम नहीं कर पाता और आगे चलकर पूरी तरह खराब होने का खतरा बढ़ जाता है.

लीकेज होना 

अगर गीजर के टैंक, पाइप कनेक्शन या ड्रेन वाल्व से पानी टपकने लगे, तो यह एक बड़ी दिक्कत  है. ऐसी लीकेज से घर में पानी का नुकसान होता है, दीवारों या फर्श पर सीलन आ सकती है और समय के साथ फंगस या स्ट्रक्चर को भी नुकसान पहुंच सकता है.

जरूरत से ज्यादा बिजली बिल आना 

अगर आपका गीजर पुराना हो चुका है, तो वह ज्यादा बिजली खपत करने लगता है जिससे हर महीने बिजली का बिल बढ़ने लगता है. ऐसा होना इस बात का संकेत हो सकता है कि अब आपको ज्यादा एनर्जी-एफिशिएंट यानी कम बिजली खर्च करने वाले नए मॉडल की ओर ध्यान देना चाहिए, ताकि खर्च भी कम हो और परफॉर्मेंस भी बेहतर मिले.

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By Ankit anand

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अंकित आनंद टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. वे स्मार्टफोन, टेलीकॉम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कंज्यूमर टेक और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं.

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अंकित आनंद एक टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जर्नलिस्ट हैं, जो डिजिटल मीडिया में टेक और ऑटो सेक्टर से जुड़े विषयों पर लगातार लिखते हैं. वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में काम कर रहे हैं. टेक्नोलॉजी सेक्टर में उनकी रुचि स्मार्टफोन लॉन्च, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, टेलीकॉम अपडेट्स, इंटरनेट सेवाओं, AI टूल्स, ऐप्स, गैजेट्स, टिप्स एंड ट्रिक्स और कंज्यूमर टेक्नोलॉजी से जुड़े विषयों में है. वहीं ऑटोमोबाइल सेक्टर में वे नई कारों और बाइक्स की लॉन्चिंग, फीचर्स, कीमत, सेफ्टी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV), फ्लेक्स-फ्यूल टेक्नोलॉजी और ऑटो इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स पर रेगुलर लिखते हैं.

उनकी कोशिश रहती है कि हर खबर में सिर्फ फीचर्स, कीमत या लॉन्च की जानकारी ही न हो, बल्कि यह भी बताया जाए कि वह टेक्नोलॉजी आम लोगों के कितने काम की है, उसे इस्तेमाल करने का एक्सपीरियंस कैसा होगा और उसे खरीदना सही रहेगा या नहीं.

पढ़ाई और करियर

बिहार में जन्मे अंकित आनंद की शुरुआती शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से हुई है. इसके बाद उन्होंने साल 2024 में गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी (GGSIPU) के कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ हायर एजुकेशन से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान ही अंकित की रुचि डिजिटल मीडिया और न्यूज लिखने में बढ़ने लगी. इसी दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरों पर काम करना शुरू किया और आगे चलकर उन्होंने इन्हीं विषयों को अपने काम का हिस्सा बना लिया.

प्रभात खबर डिजिटल से पहले अंकित ने Zee News में करीब एक साल तक काम किया. यहां उन्होंने टीवी न्यूज प्रोडक्शन, आउटपुट डेस्क, कंटेंट रिसर्च, फैक्ट वेरिफिकेशन और न्यूज राइटिंग के अलग-अलग पहलुओं पर काम किया.

विजन

अंकित का मानना है कि टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल से जुड़ी खबरें केवल नए प्रोडक्ट्स की जानकारी नहीं होतीं, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, खरीदारी के फैसलों और डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी असर डालती हैं.

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