अभिषेक के घर की रेकी करने वाला गिरफ्तार

कोलकाता पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी के घर

अभिषेक के घर व दफ्तर की रेकी करने के आरोप में मुंबई हमले के मास्टरमाइंड डेविड हेडली का करीबी गिरफ्तार

कोलकाता पुलिस के एसटीएफ ने मुंबई से किया गिरफ्तार

– अभिषेक बनर्जी एवं उनके पीए को फोन कर जतायी थी मिलने की इच्छा

– 18 से 20 अप्रैल तक शेक्सपीयर सरणी में एक होटल में रुककर की थी रेकी, कई तस्वीरें खींची व वीडियो भी बनाया

कोलकाता. कोलकाता पुलिस के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) ने तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी के घर और कार्यालयों के पास रेकी करने (टोह लेने) के आरोप में राजाराम रेगे नाम के शख्स को मुंबई से गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक, रेगे डायमंड हार्बर सीट से सांसद बनर्जी और उनके निजी सहायक का नंबर लेने के बाद उन्हें फोन करने की कोशिश की.

एक पुलिस अधिकारी ने दावा किया कि रेगे ने अन्य लोगों के अलावा पूर्व में 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मुख्य आरोपी डेविड हेडली से मुलाकात की थी. आरोपी पर फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी करने के भी आरोप हैं. आरोपी को सोमवार अपराह्न मुंबई से कोलकाता लाया गया और बैंकशाल कोर्ट में पेश किया गया. अदालत ने आरोपी को 29 अप्रैल तक एसटीएफ हिरासत में भेज दिया. आरोपी पर मुंबई हमले के बाद प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को कई तथ्य भेजने का आरोप लगा था.

कैसे हुआ खुलासा

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (1) मुरलीधर शर्मा ने कोलकाता पुलिस मुख्यालय लालबाजार में सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में मामले की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी के घर व दफ्तर की रेकी करने के बाद आरोपी राजाराम रेगे ने चोरी-छिपे वहां कुछ जगहों की तस्वीरों को कैद किया. दफ्तर के आसपास कुछ लोगों से उसने यह जानकारी हासिल करने की कोशिश की कि तृणमूल सांसद से वह कैसे मिल सकेंगे. इसी बीच, उन इलाकों के आसपास तैनात मुखबिरों से पुलिस को इसकी खबर मिल गयी. इसके बाद से उस व्यक्ति एवं उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी.

एक बड़े नेता का करीबी बताकर अभिषेक व उनके पीए को फोन कर जतायी मिलने की इच्छा

पुलिस सूत्र बताते हैं कि राजाराम रेगे 18 अप्रैल को कोलकाता आया था. वह मुंबई से कोलकाता आकर शेक्सपीयर सरणी थाना क्षेत्र के एक होटल में ठहरा था. उसने खुद को एक बड़े नेता का करीबी बताकर होटल बुक करवाया था. पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि राजाराम ने किसी तरह से तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी एवं उनके निजी सहायक (पीए) का मोबाइल नंबर जुगाड़ कर लिया था. उसने दोनों को फोन किया. सांसद ने फोन नहीं रिसीव किया, लेकिन निजी सहायक ने उन्हें फोन पर कहा कि अभी सांसद से मिलना संभव नहीं है. निजी सहायक को राजाराम ने खुद का परिचय मुंबई में किसी बड़े नेता के करीबी के रूप में दिया था. इसके बाद ही पीए को उसकी बातों पर संदेह होने पर इसकी जानकारी कोलकाता पुलिस को दी गयी, हालांकि इसके पहले ही पुलिस राजाराम के बारे में जानकारी जुटाना शुरू चुकी थी. 18 एवं 19 अप्रैल को कोलकाता में रहने के बाद 20 अप्रैल को वह मुंबई लौट गया.

अबतक की जांच में पुलिस को आशंका है कि कहीं अभिषेक बनर्जी के घर या फिर दफ्तर पर मुंबई हमले की तरह कुछ अनचाही हरकत करने की राजाराम की तैयारी तो नहीं थी. इसी के लिए वह रेकी कर रहा हो. इस तरह के सवालों का भी आरोपी से जवाब जानने की कोशिश की जायेगी. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अभिषेक के घर व दफ्तर के आसपास की सुरक्षा और ज्यादा कड़ी कर दी गयी है. संयोग से आरोपी राजाराम रेगे ने मुंबई हमले से पहले भी डेविड के कहने पर इसी तरह की रेकी की थी. इस जानकारी को सामने रखकर आरोपी से पुलिस पूछताछ कर रही है. कोलकाता में दौरा एवं रेकी के पीछे उसका इरादा क्या था, इसका पता लगाया जा रहा है.

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Published by: Prabhat khabar news desk

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