गोरखा मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए पंकज कुमार सिंह की अध्यक्षता में बनी कमेटी, तैयार होगा समझौता ड्राफ्ट

Gorkha Issue Final Agreement: गृह मंत्री अमित शाह और गोरखा नेताओं की सुकना बैठक के बाद बड़ा फैसला हुआ है. गृह मंत्रालय ने वार्ताकार पंकज कुमार सिंह की अगुवाई में ड्राफ्टिंग कमेटी बना दी है. सांसद राजू बिष्ट ने इसकी जानकारी दी.

Gorkha Issue Final Agreement: दार्जिलिंग की पहाड़ियों और गोरखा समुदाय की चार दशक पुरानी मांगों को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में सुकना में शनिवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद दार्जिलिंग से भाजपा सांसद राजू बिष्ट ने यह जानकारी दी. सांसद ने बताया कि गृह मंत्रालय (MHA) ने गोरखा मुद्दे पर अंतिम समझौते का मसौदा (Final Agreement Draft) तैयार करने के लिए एक विशेष समिति गठित कर दी है.

पंकज कुमार सिंह की अगुवाई में बनी ड्राफ्टिंग कमेटी

गृह मंत्रालय के आधिकारिक वार्ताकार और पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (Deputy NSA) पंकज कुमार सिंह की अध्यक्षता में इस समिति का गठन किया गया है. यह पैनल सुकना बैठक में बनी सहमतियों के आधार पर अंतिम समझौते का वैधानिक और प्रशासनिक ड्राफ्ट तैयार करेगा.

1988 में 22 अगस्त को ही हुआ था ऐतिहासिक समझौता

सांसद राजू बिष्ट ने इस दिन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि 22 अगस्त का दिन पर्वतीय क्षेत्र के इतिहास में बेहद खास है. इसी तारीख को वर्ष 1988 में केंद्र, राज्य सरकार और जीएनएलएफ (GNLF) के बीच गोरखा समझौते पर दस्तखत हुए थे. इसके बाद दार्जिलिंग गोरखा हिल काउंसिल (DGHC) की स्थापना हुई थी.

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अमित शाह की मौजूदगी में सभी हितधारकों का मंथन

गृह मंत्री अमित शाह के उत्तर बंगाल दौरे के अंतिम दिन हुई इस मैराथन बैठक में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (GJM) प्रमुख बिमल गुरुंग, रोशन गिरि, जीएनएलएफ प्रमुख मान घीसिंग सहित पहाड़ी क्षेत्र के विभिन्न राजनीतिक दलों व समुदायों के प्रतिनिधि मौजूद रहे. बैठक में दार्जिलिंग, तराई और डुआर्स क्षेत्र के लिए संवैधानिक ढांचे के भीतर स्थायी राजनीतिक समाधान (Permanent Political Solution) के रोडमैप पर सर्वसम्मति बनी.

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पिछली सरकारों की नाकामियों और विस्थापन पर हमला

सांसद राजू बिष्ट ने आरोप लगाया कि वाम मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में पर्वतीय क्षेत्र के लोगों की संवैधानिक आकांक्षाओं को कुचला गया. लगभग 2,000 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी और 5,000 से अधिक लोग विस्थापित हुए.

मोदी सरकार देगी स्थायी समाधान : राजू बिष्ट

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार पूर्ववर्ती दार्जिलिंग गोरखा हिल काउंसिल (DGHC) और गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (GTA) जैसी अस्थायी व्यवस्थाओं की बजाय एक मजबूत और स्थायी समाधान देने के लिए प्रतिबद्ध है.


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By मिथिलेश झा

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