Election Commission Home Voting: लोकतंत्र के महापर्व में ‘कोई मतदाता छूटे न’ के संकल्प को पश्चिम बंगाल के अलीपुरदुआर जिले में चुनाव आयोग की टीमें सच कर रही हैं. ‘होम वोटिंग’ की सुविधा देने के लिए आयोग के कर्मचारी उन दुर्गम इलाकों में पहुंच रहे हैं, जहां पक्की सड़कें तक नहीं हैं.
अलीपुरदुआर जिले के कालचीनी विधानसभा क्षेत्र (11-Kalchini AC) के बक्सा टाइगर रिजर्व के गहरे जंगलों में 3 मतदान केंद्रों – अदमा (Adma), चूनावती (Chunavati) और बक्सा डुआर्स (Buxa Dooars) में चुनावकर्मियों का जज्बा देखते ही बन रहा है.
दुर्गम रास्ता-अडिग इरादा, घर-घर पहुंच रही टीम : चुनाव आयोग ने स्पष्ट संदेश दिया है- चाहे जो हो जाये (Whatever It Takes), हम आपके दरवाजे तक आयेंगे. बक्सा टाइगर रिजर्व में बसे गांवों तक पहुंचने के लिए पोलिंग टीमों को ऊबड़-खाबड़ रास्तों, पहाड़ियों और घने जंगलों से होकर गुजरना पड़ रहा है. जहां गाड़ियां नहीं जा सकतीं, वहां चुनावकर्मी पैदल ही बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के घर पहुंच रहे हैं.
होम वोटिंग की सुविधा : इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जो मतदाता शारीरिक अक्षमता या उम्र के कारण मतदान केंद्र तक नहीं आ सकते, वे अपने घर की सुख-सुविधा और सम्मान के साथ अपना वोट डाल सकें.
लोकतंत्र का उत्सव- अब आपकी बारी : चुनाव आयोग ने इस चुनौतीपूर्ण कार्य के जरिये अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी है. आयोग ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि जब प्रशासन इतनी कठिनाइयां उठाकर आप तक पहुंच सकता है, तो मतदाताओं को भी आगे बढ़कर लोकतंत्र के इस उत्सव का हिस्सा बनना चाहिए.
आयोग का संदेश है- हमने अपना काम कर दिया है. अब आपकी बारी है. आगे बढ़ें और लोकतंत्र के इस उत्सव का हिस्सा बनें. आपका वोट, आपका अधिकार और आपका भविष्य है.
इसे भी पढ़ें
बंगाल चुनाव से पहले चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई, TMC के लिए प्रचार करने के आरोप में 5 BLO सस्पेंड
चुनाव आयोग को हाईकोर्ट ने लगायी फटकार, सहायक प्रोफेसर को पीठासीन अधिकारी बनाने का आदेश रद्द
