Abhishek Banerjee Bengali Identity Politics: तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार को कूचबिहार में एक मेगा रोड शो के बाद जनसभा को संबोधित किया. यहां उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में बांग्ला भाषी लोगों को ‘बांग्लादेशी’ बताकर प्रताड़ित किया जा रहा है. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले उत्तर बंगाल में उन्होंने चेतावनी दी कि 4 मई को चुनावी नतीजे आने पर बंगाल की जनता ‘दंभी और बंगाल विरोधी जमींदारों’ को कड़ा सबक सिखायेगी.
हमारी संस्कृति और खान-पान पर हमला : अभिषेक
अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर बंगाली अस्मिता और संस्कृति को नीचा दिखाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा- भाजपा शासित राज्यों में हमारे लोगों को डराया-धमकाया जा रहा है. बांग्ला बोलने वालों की वैधता पर सवाल उठाये जा रहे हैं. उन्हें घुसपैठिया करार दिया जा रहा है. डायमंड हार्बर के सांसद ने कहा कि कई क्षेत्रों में मछली और मांस की बिक्री एवं सेवन पर प्रतिबंध लगाकर लोगों की खान-पान की आदतों को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है, जो बंगाली संस्कृति पर सीधा प्रहार है.
मतदाता सूची से नाम कटने पर भाजपा को घेरा
अभिषेक बनर्जी ने राजबंशी और मतुआ समुदायों का मुद्दा उठाते हुए भाजपा के ‘प्रेम’ को खोखला बताया. उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर राजबंशी और मतुआ समुदाय के लाखों सदस्यों के नाम काट दिये गये. अभिषेक ने जनता को भरोसा दिलाया कि तृणमूल यह सुनिश्चित करेगी कि एक भी वैध मतदाता सूची से बाहर न रहे.
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बंगाल को हक नहीं दे रही मोदी सरकार : बनर्जी
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए टीएमसी के युवराज ने कहा कि दिल्ली की सरकार बंगाल का जायज हक सिर्फ इसलिए रोक रही है, क्योंकि यहां की जनता बार-बार तृणमूल को चुनती है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमारे आदर्शों का अपमान किया है और बंगाल की भाषा को नीचा दिखाया है.
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