– एम्स की स्थापना का मुद्दा गरमाया
– व्यवसायियों ने किया है बंद का एलान
कालियागंज : उत्तर दिनाजपुर में एम्स जैसे अस्पताल के निर्माण का मुद्दा गरमा गया है. इस अस्पताल को रायगंज से कल्याणी ले जाने का विरोध स्थानीय लोगों ने किया है. केंद्र सरकार ने हाल ही में रायगंज के स्थान पर कल्याणी में इस अस्पताल के निर्माण को मंजूरी दी है. राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी ऐसा ही चाहती थीं. केंद्र सरकार के इस निर्णय के बाद पूरे जिले के लोगों में भारी रोष है.
इसके लिए यहां लोगों ने बड़े पैमाने पर आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी है. इसी के तहत कल सोमवार को 24 घंटे उत्तर दिनाजपुर बंद का आह्वान किया गया है. उत्तर दिनाजपुर तथा दक्षिण दिनाजपुर के व्यवसायियों को लेकर गठित पश्चिम दिनाजपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने इस बंद का आह्वान किया है. पश्चिम दिनाजपुर चेम्बर ऑफ कामर्स के महासचिव शंकर कुंडू ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इस बंद में सभी राजनीतिक दलों का सहयोग मांगा गया है.
उन्होंने केंद्र सरकार के इस निर्णय की आलोचना की. उनका कहना था कि वर्षो पहले प्रियरंजन दासमुंशी के केंद्र में मंत्री रहते इस परियोजना को मंजूरी दी गयी थी. वर्ष 2011 में राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस की नयी सरकार तथा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी हमेशा से ही एम्स अस्पताल के निर्माण को यहां से कल्याणी ले जाने की तैयारी में जुटी रहीं. अंतत: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने भी इस काम में ममता बनर्जी का साथ दिया. शुक्रवार को ही केंद्र सरकार ने इस अस्पताल को कल्याणी में बनाने की अपनी मंजूरी दी है. श्री कुंडू ने कहा कि रायगंज के पानीशाला में किसानों ने इस अस्पताल के निर्माण के लिए अपनी जमीन दी है.
जमीन नहीं मिलने की बात करना सिर्फ एक बहाना है. इस अस्पताल के यहां बनने से ना केवल, उत्तर दिनाजपुर जिले के बल्कि पूरे उत्तर बंगाल के लोगों को लाभ होता. इस बीच, व्यवसायियों द्वारा आहूत इस 24 घंटे के बंद का सभी राजनीतिक दलों ने समर्थन किया है. कांग्रेस, भाजपा तथा वाम मोरचा के नेताओं ने बंद की तैयारियां कर ली हैं.
तृणमूल का अलग राग
हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने इस बंद का समर्थन नहीं किया है. 24 घंटे बंद के दौरान स्कूल, कॉलेज, कार्यालय, बाजार, परिवहन आदि बंद करने की बात कही गयी है. हालांकि व्यवसायियों ने रेलमार्ग तथा राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद करने से इनकार किया है.
