उत्तर बंगाल में भाजपा को वापसी की उम्मीद, कूच बिहार में मोदी की पहली रैली पांच को

Bengal Election: भाजपा को उम्मीद है कि घोषणापत्र में उत्तर बंगाल को जो तवज्जों दिया है उसका असर इस चुनाव में देखने को मिलेगा. तृणमूल को विश्वास है कि लोकसभा की तरह ही जनता इस बार भी उसे जीत दिलायेगी.

Bengal Election: कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान के दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे बंगाल में चुनाव प्रचार रंग पकड़ रहा है. इस बार तृणमूल कांग्रेस और भाजपा में सीधी लड़ाई दिख रही है, वैसे वाम मोर्चा और कांग्रेस भी पूरे दमखम से मैदान में है. दक्षिण बंगाल में जहां भाजपा को अपनी जमीन मजबूत करनी है, वहीं तृणमूल को उत्तर बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत करनी है. ममता बनर्जी उत्तर बंगाल पर फोकस कर रही हैं, वहीं प्रधानमंत्री 5 अप्रैल को कूचबिहार में रैली करने जा रहे हैं. प्रधानमंत्री की जनसभा से पहले गृहमंत्री अमित शाह ममता के खिलाफ चार्जशीट लाकर माहौल बना दिया है. ऐसे में भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि पीएम मोदी की सभा के बाद उत्तर बंगाल से तृणमूल का सफाया हो जायेगा.

मोदी की रैली से बदलेगी हवा

भाजपा इस बार पश्चिम बंगाल से ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने के लिए एड़ीचोटी का जोर लगा रही है. हालांकि भाजपा ने बंगाल में कभी भी प्रत्याशियों की पूरी सूची घोषित नहीं की है, लेकिन पूरे देश से भाजपा के अधिकतर दिग्गज बंगाल में मौजूद हैं. दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट कहते हैं कि इस बार भाजपा कार्यकर्ता पहली बार ग्राउंड पर काम करते दिख रहे हैं. पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन पिछले हफ़्ते बंगाल दौरे पर थे. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूचबिहार रैली निर्णायक होगी. वह 5 अप्रैल को कूच बिहार में रैली को संबोधित करेंगे. यह बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की घोषणा के लिए नरेंद्र मोदी की बंगाल में पहली रैली होगी.

लोकसभा में ढह गया भाजपा का गढ़

बंगाल में भाजपा का गढ़ कहे जानेवाले कूचबिहार के आंकड़ों पर गौर करें तो भाजपा के लिए कूच बिहार का विशेष महत्व है. 2021 में पार्टी ने वहां की नौ में से आठ विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी. हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनावों में पार्टी को एक झटका लगा. तृणमूल ने पार्टी से कूच बिहार की संसदीय सीट छीन ली. इसमें पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निशीथ प्रमाणिक लगभग 40,000 वोटों से हार गए और पार्टी चार विधानसभा क्षेत्रों में अपनी बढ़त गवां बैठी.

पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

खोई जमीन वापस पाने में लगी भाजपा

पूरे उत्तर बंगाल के आंकड़ों को देखें तो 2021 में भाजपा ने स्थानीय जातीय समूहों- राजबंशी, कोच, मेच और राभा-के बीच लगातार जनसंपर्क के ज़रिए और ज़िले में RSS शाखाओं और स्कूलों के बड़े पैमाने पर विस्तार के ज़रिए अपना आधार मज़बूत किया था. 2024 में मिली करारी हार के बाद BJP ने अपनी खोई हुई ज़मीन वापस पाने के लिए काम किया है. पिछले साल, मोदी ने कूच बिहार और अलीपुरदुआर को कवर करने वाली 1,010 करोड़ रुपये की शहरी गैस वितरण परियोजना की आधारशिला रखी थी. घोषणा पत्र के मोर्चे पर, बंगाल भाजपा ने संकेत दिया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन राज्य में इस दस्तावेज़ को जारी कर सकते हैं.

Also Read: बंगाल में पहचान की लड़ाई, भाजपा के ‘घुसपैठिये’ से ममता की ‘बंगाली अस्मिता’ का मुकाबला

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >