ब्लॉक अध्यक्ष से मिलकर भाजपा में शामिल होने की दी चेतावनी
आठ ग्राम पंचायतों में से पांच पर युवाओं ने किया बोर्ड गठन
दलीय चिह्न से जीतकर निर्दलीय के तौर पर किया बोर्ड गठन
दिनहाटा : युवा तृणमूल के साथ लड़ाई में टिकना मुश्किल हो रहा है. परेशान होकर तृणमूल मदर गुट के कई नेताओं ने पार्टी छोड़ने की चेतावनी दी है. इस आरोप के साथ सोमवार को दिनहाटा 1 नंबर ब्लॉक के लगभग 15 ग्राम पंचायत व पंचायत समिति सदस्यों ने तृणमूल ब्लॉक अध्यक्ष के साथ मुलाकात की. उनलोगों ने ब्लॉक अध्यक्ष से पार्टी छोड़ने की चेतावनी दी है. इतना ही नहीं गुटीय विवाद से परेशान जनप्रतिनिधिओं ने भाजपा में शामिल होने की धमकी दी है.
तृणमूल के दिनहाटा 1 नंबर ब्लॉक अध्यक्ष नूर आलम हुसैन ने बताया कि गीतालदह उकराबाड़ी सहित कई ग्राम पंचायत इलाके से तृणमूल के विजयी प्रत्याशियों ने भाजपा में शामिल होने की धमकी दी है.
ये सभी गुटीय विवाद से परेशान है. उन्होंने बताया कि फिलहाल उन्हें समझा-बुझाकर वापस भेजा गया है. मामले से जिला अध्यक्ष व विधायकों को अवगत कराया जायेगा. एक पंचायत समिति सदस्य ने बताया कि वह उकराबाड़ी इलाके से दिनहाटा 1 नंबर पंचायत समिति में विजयी हुए है. उस पंचायत समिति में 44 सदस्यों में से 25 तृणमूल से जीते है. लेकिन बाद में उनमें से कई युवा गुट में शामिल हो गये. पार्टी के नेता भी अब उन्हीं का समर्थन कर रहे है. उसने आगे बताया कि इस तरह से पार्टी में टिके रहने मुश्किल हो रहा है. इसलिए भाजपा में शामिल होने का फैसला लिया है.
उकराबाड़ी ग्राम पंचायत के तृणमूल सदस्य नर्गिस बीबी के पति मन्नान हुसैन ने बताया कि दलीय चिह्न से विजयी सदस्यों की संख्या ज्यादा है. पार्टी नेताओं ने दलीय चिह्न पर विजयी सदस्य को प्रधान बनाने का ह्वीप जारी कर दिया था. लेकिन वहां पार्टी से निकलकर निर्दलीय के तौर पर युवा गुट ने बोर्ड पर कब्जा कर लिया. जबकि नेता खामोश हैं. इस तरह से धमकियों के बीच पार्टी करना मुश्किल है.
इधर बोर्ड गठन प्रक्रिया शुरू होते ही उस ब्लॉक में युवा संगठन का पलड़ा भारी होना शुरू हो गया है. 8 ग्राम पंचायतों में बोर्ड गठन हो चुका है. इनमें युवा संगठन ने 5 पर कब्जा जमाया है. बाकी के अन्य 8 ग्राम पंचायत व पंचायत समितिओं के युवा संगठन के हाथ में जाने की संभावना प्रवल है. इस स्थिति में अलग थलग पड़े तृणमूल मदर गुट ने दलबदल का मन बना लिया है.
