कुआ नदी का बांध भी बैठा

आवाजाही बंद होने से भारी दिक्कत हो रही है.

बीरभूम. जिले में भी लगातार बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर से विभिन्न क्षेत्रों में अलग -अलग घटनाएं हुईं. जिले के सैंथिया में मयूराक्षी नदी का जल स्तर बढ़ने से बना अस्थायी सेतु टूट गया. इससे आसपास के दर्जनों गांव के लोग प्रभावित हुए हैं. आवाजाही बंद होने से भारी दिक्कत हो रही है. रामपुरहाट जाने के लिए ग्रामीण इस अस्थायी सेतु से ही गुजरते रहे हैं. लेकिन नदी का बढ़ा जलस्तर और तेज प्रवाह का बोझ अस्थायी सेतु नहीं सह सका और टूट गया. इसके बाद स्थानीय ग्रामीण ब्रिज के किनारे के घेरा खोल कर गुजरने लगे, जिससे स्थिति बदतर हो गयी. इसमें पुलिस ने बाधा डाली, तो उससे ग्रामीण भिड़ गये. बाद में किसी तरह परिस्थिति संभाली गयी. उधर, जिले के ही लाभपुर में कुआ नदी का बांध भी टूट गया, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों में बाढ़ आ गयी है. नदी का पानी खेतों व घरों में घुस गया है. इसके कारण परिस्थिति विकराल रूप धारण कर ली है. हालांकि प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है. तारापीठ मंदिर का महाश्मशान घाट डूब गया है. तिलपाड़ा बैराज से छोड़ा गया 5000 क्यूसेक पानी ः वहीं, बीरभूम के तिलपाड़ा बैराज से शनिवार को 5000 क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़ा गया. इससे सिउड़ी के जिवधरपुर, सदाईपुर के आलमबाबा, कचुजोड़ आदि गांव के अंडरपास में जल भर जाने से आवाजाही पूरी तरह अवरुद्ध हो गयी है. नानूर में भी जान जोखिम में डाल कर शनिवार को स्कूली बच्चों को स्कूल जाते हुए देखा गया. सेतु के ऊपर से नदी का पानी बह रहा था.

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