अग्निकांड से बचाव के लिए निगम के कर्मचारियों को मिलेगा प्रशिक्षण

कोलकाता में एक बाद एक अग्निकांड की बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं. जिसके कारण कई लोगों को जान भी गंवानी पड़ी है.

हाल ही में महानगर में अग्निकांड की हुई हैं कई घटनाएं

कोलकाता. कोलकाता में एक बाद एक अग्निकांड की बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं. जिसके कारण कई लोगों को जान भी गंवानी पड़ी है. हाल ही में मछुआ स्थित एक गेस्ट हाउस में आग लगने से 14 लोगों की मौत हुई थी. इन घटनाओं को लेकर कोलकाता नगर निगम चिंतित है. ऐसे में इन घटनाओं से सीख लेते हुए निगम ने अपने बिल्डिंग विभाग के साथ अन्य सभी विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों को ‘अग्नि सुरक्षा’ प्रशिक्षण प्रदान करने की पहल की है. शनिवार को आयुक्त धवल जैन के निर्देश पर सचिव स्वपन कुंडू ने निर्देश जारी किया. इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि हाल ही में हुई अग्निकांड की घटनाओं में जान-माल की हानि और व्यापक क्षति के कारण अग्निशमन अभ्यास की आवश्यकता है. इसलिए यदि किसी इमारत में आग लग जाये तो उक्त लोगों को यह प्रशिक्षण दिया जायेगा कि उस स्थिति में त्वरित और सुरक्षित कार्रवाई कैसे की जाये.

इस अभ्यास में सिखाया जायेगा कि अग्निकांड के दौरान खुद को कैसे बचाया जाये. आग को फैलने से कैसे रोका जाये और संपत्ति की सुरक्षा कैसे की जाये. निगम के प्रत्येक विभागीय कर्मचारी एवं अधिकारी को इस प्रशिक्षण के अंतर्गत लाया जा रहा है. निगम में कार्यरत सिविक वॉलंटियरों को भी प्रशिक्षण दिया जायेगा. प्रशिक्षण का पहला चरण मंगलवार को निगम मुख्यालय में होगा. अभ्यास को दो चरणों में विभाजित किया गया है. पहले चरण में हॉग बिल्डिंग, हुडको बिल्डिंग और रॉक्सी बिल्डिंग के अधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे. दूसरे चरण में सीएमओ बिल्डिंग, आईटी बिल्डिंग, चैपलिन बिल्डिंग और पीडी बिल्डिंग के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा.

गौरतलब है कि निगम के बिल्डिंग विभाग ने हाल की आग की कई घटनाओं से सीख लेते हुए कई एहतियाती दिशा-निर्देश जारी किये हैं. आदेश में कहा गया है कि सीढ़ियों और सार्वजनिक क्षेत्रों पर कब्जा नहीं किया जा सकता तथा सामान छोड़ना भी वर्जित है. छतों और सीढ़ियों को हमेशा खुला रखने को कहा गया है, ताकि खतरे के समय आसानी से निकला जा सके.

ऐसी व्यवस्था भी किये जाने को कहा गया है कि अग्निशमन कर्मी शीघ्र पहुंच सकें और बचाव कार्य कर सकें. निगम अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में सबसे जरूरी काम शहर की इमारतों की अग्नि प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना और जागरूकता बढ़ाना है. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उस लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. निगम के एक अधिकारी ने बताया कि महानगर की अधिकांश इमारतें हेरिटेज श्रेणी में हैं. इसके अलावा कोलकाता शहर के दैनिक जीवन पर भी इसका प्रभाव काफी है.

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Published by: Subodh kumar singh

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