कब टूटेगी एचएमसी की कुंभकर्णी निद्रा, जीटी रोड पर कई सूखे पेड़ लोगों की जान लेने को तैयार

एक वर्ष से हादसे के इंतजार में जीटी रोड पर खड़ा है सूखा पेड़

एक वर्ष से हादसे के इंतजार में जीटी रोड पर खड़ा है सूखा पेड़

श्रीकांत शर्मा, हावड़ा

हावड़ा नगर निगम में बुधवार को पेड़ गिरने से दो निगम कर्मियों की हुई दर्दनाक मौत ने आमजन को हिला कर रख दिया है. निगम प्रशासन की घोर लापरवाही से दो निगम कर्मियों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा. घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस घटना का संज्ञान खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेना पड़ा. सीएम ने घटना की जानकारी लेने के लिए नगर विकास मंत्री फिरहाद हकीम को एचएमसी कार्यालय भेजा. मौके पर पहुंचे मंत्री फिरहाद हकीम घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया. हालात यह हैं कि हावड़ा वासियों की कौन कहें अब तो निगम मुख्यालय में कार्यरत कर्मी भी सुरक्षित नहीं है. ऐसा नहीं कि हालात केवल एचएमसी चेयरमैन के कार्यालय के सामने ही बदहाल हैं बल्कि हावड़ा में ऐसे कई इलाके हैं जहां इसी तरह के पेड़ खतरनाक स्थिति में खड़े हैं. जीता जागता उदाहरण हावड़ा के सलकिया चौरास्ते के जीटी रोड पर है. यहां स्थित एक सूखा पेड़ हैं. सलकिया चौरास्ते के पास सलकिया स्वीमिंग एसोसिएशन के ठीक सामने जीटी रोड पर स्थित यह पेड़ लगभग एक वर्षों से सूखा पड़ा है लेकिन इसे हटाने या इसकी काट-छांट करने की जहमत हावड़ा निगम ने कभी नहीं उठायी.

भाजपा का आरोप: भाजयुमो के पूर्व प्रदेश सचिव दीपक राय कहते हैं कि नगर निगम प्रशासक कार्यालय के सामने स्थित वह पेड़ काफी समय से झुका हुआ था. लेकिन नगर निगम ध्यान नहीं दे रहा था. एचएमसी के प्रशासक और मंत्री कहते हैं कि तूफान नहीं आया था, लेकिन दो लोगों की असमय मौत हो गयी. सलकिया के जीटी रोड पर एक वर्ष से खड़े सूखे पेड़ से भी हादसा हो सकता है. हावड़ा में बिल्डिंग निर्माण के नाम पर सैकड़ों पेड़ों की रातों-रात बलि दे दी जाती है लेकिन जीटी रोड जैसे व्यस्त रास्ते के किनारे स्थित सूखे व कमजोर जड़ वाले पेड़ों को काटने में निगम कर्मी सक्रियता नहीं दिखाते.

, क्योंकि ऐसे जनहित के कार्यों में उन्हें कटमनी जो नहीं मिलती.

इलाके के लोग अरसे से कर रहे पेड़ को काटने की मांग

इलाके के लोगों का आरोप है कि जीटी रोड काफी व्यस्त इलाका है. इसमें भी यह सलकिया चौरस्ता के पास स्थित है. रोजाना लाखों की संख्या में लोग यहां से गुजरते हैं. यदि किसी दिन यह पेड़ अचानक टूट कर गिरता है तो नगर निगम कार्यालय के सामने हुई दुर्घटना से भी बड़ा हादसा सलकिया में हो सकता है.इलाके के निवासी विजय ने बताया कि यह पेड़ काफी दिनों से सूखा पड़ा है. इसके बारे में निगम कर्मियों की भी बताया गया लेकिन अभी तक इसे काटा नहीं गया.

पेड़ के पास सत्तू बेचने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि यह पेड़ यदि गिरता है तो कई लोगों की जान जा सकती है. लेकिन रोजी-रोटी के लिए यहां अपना ठेला वह लाता है. इस पेड़ को तुरंत काट देना चाहिए.

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Published by: Sandip tiwari

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