बंगाल में चुनावी साल, शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम, तो ममता बनर्जी ने निताई के शहीदों को दी श्रद्धांजलि

West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने निताई गांव में मारे गये 9 ग्रामीणों को श्रद्धांजलि दी, तो शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम आंदोलन में मारे गये 3 लोगों को श्रद्धासुमन अर्पित किये. नंदीग्राम में जमीन अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन कर रहे लोगों पर पुलिस ने गोलीबारी की थी, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गयी थी. निताई में 7 जनवरी को क्या हुआ था, यहां पढ़ें.

By Mithilesh Jha | January 7, 2026 7:05 PM

West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के पहले पुलिस और असामाजिक तत्वों की गोलियों का शिकार हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी जा रही है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 15 साल पहले निताई में मारे गये लोगों को याद किया, तो नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम में वर्ष 2007 में पुलिस की गोलियों से मारे गये ग्रामीणों को श्रद्धांजलि दी.

निताई में 15 साल पहले हुई थी 9 लोगों की मौत

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने झारग्राम जिले के निताई गांव में 15 साल पहले गोली लगने से जान गंवाने वाले 9 लोगों को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर गोलीबारी की घटना में जान गंवाने वाले लोगों को ‘श्रद्धांजलि दी और उन्हें नमन’ किया.

7 जनवरी 2011 को निताई में बदमाशों ने की थी गोलीबारी

तत्कालीन सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) से कथित तौर पर संरक्षण प्राप्त हथियारबंद लोगों ने 7 जनवरी 2011 को ग्रामीणों पर गोलीबारी की थी. यह गांव बिनपुर ब्लॉक में पूर्व में माओवादियों का गढ़ रहे लालगढ़ की सीमा से सटा है. यह झारग्राम लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है.

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4 महिला और 5 पुरुषों की मौत, 28 लोग हुए थे घायल

7 जनवरी, 2011 को ग्रामीणों पर हुई गोलीबारी में 4 महिला और 5 पुरुषों की मौत हो गयी थी. 28 अन्य घायल हुए थे. इसके बाद यह घटना राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गयी. हत्या उस समय हुई, जब स्थानीय लोग उन हथियारबंद लोगों की मांगों और कथित उत्पीड़न का विरोध कर रहे थे, जिन्होंने इलाके में माओवादियों से लड़ने के बहाने एक स्थानीय माकपा नेता के घर में शरण ले रखी थी.

निताई की घटना के बाद भड़का था ग्रामीणों का आक्रोश

पश्चिम बंगाल में इस घटना के बाद व्यापक आक्रोश उत्पन्न हुआ और वर्ष 2011 के विधानसभा चुनाव से पहले यह एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया. मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दिया गया, जिसने गोलीबारी की परिस्थितियों और क्षेत्र में सशस्त्र समूहों की कथित भूमिका की जांच की.

West Bengal Politics: शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के शहीदों को दी श्रद्धांजलि

उधर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी ने वर्ष 2007 में पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम में पुलिस की गोलीबारी में मारे गये प्रदर्शनकारियों को बुधवार को श्रद्धांजलि दी. ये प्रदर्शनकारी भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे थे.

7 जनवरी 2007 को नंदीग्राम में हुई थी गोलीबारी

सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर शुभेंदु अधिकारी ने एक पोस्ट किया, जिसमें कहा- शहीद तर्पण दिवस, 7 जनवरी 2007 को मैं नंदीग्राम भूमि रक्षा आंदोलन के 3 अमर शहीदों को सादर श्रद्धांजलि देता हूं.

नंदीग्राम में गोलीबारी में 3 लोगों की हो गयी थी मौत

नंदीग्राम में हुई गोलीबारी में 3 लोगों की मौत के बाद बंगाल में बड़े पैमाने पर अशांति हुई थी. नंदीग्राम का आंदोलन बंगाल की राजनीति में निर्णायक मोड़ साबित हुआ. इसके बाद ही वामदलों की सरकार का पतन हुआ था.

रसायन संयंत्र के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण का ग्रामीण कर रहे थे विरोध

नंदीग्राम में भाजपा के साथ-साथ स्थानीय तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने भी शहीद स्मृति दिवस मनाया. नंदीग्राम में खेजुरी और सोनाचुरा के बीच भांगा बेरा ब्रिज क्षेत्र के पास श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किये. नंदीग्राम की घटना 7 जनवरी 2007 को हुई थी, जब एक रसायन संयंत्र के लिए प्रस्तावित कृषि भूमि अधिग्रहण के विरोध में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों पर पुलिस ने फायरिंग कर दी थी. इसमें 3 लोगों की मौत हो गयी थी.

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