कोलकाता : नवरात्र में मांसाहार परंपरा को 'पखंडी' कहनेवाले धीरेन्द्र शास्त्री को लेकर बंगाल भाजपा दो खेमो में विभाजित हो गया है. जंगीपुर से भाजपा विधायक चित्ता मुखर्जी ने बागेश्वर बाबा के पक्ष में बयान दे दिया है. उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को नवरात्र के बाद वापस बंगाल लाने की घोषणा कर दी. भाजपा विधायक के इस बयान के बाद एक बार फिर यह मुद्दा गरम हो गया है. इस बयान के बाद भाजपा इस मुद्दे पर दो खेमों में विभाजित होती दिख रही है.
भाजपा अब तक रह रहा था विरोध
मध्य प्रदेश के कथा वाचक बागेश्वर बाबा के खिलाफ बंगाल भाजपा के कई नेता बयान दे चुके हैं. उनके बयान के खिलाफ पुलिस स्टेशन में एफआईआर भी दर्ज की गई है. राजनीतिक गलियारे से लेकर सोशल मीडिया तक बंगाल में यह मुद्दा छाया हुआ है. बयान की हर तरफ जमकर निंदा हो रही है. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री के स्पष्टीकरण के बाद यह मामला धीरे-धीरे शांत होने लगा था, लेकिन चित्ता के बयान ने मामले में फिर उबाल ला दिया है.
भाजपा विधायक ने क्या कहा
भाजपा विधायक का दावा है कि वे पूजा के बाद बागेश्वर बाबा को अपने क्षेत्र में लाने की कोशिश कर रहे हैं. विपक्ष इस मुद्दे पर फिर मुखर हो गया है. चित्त ने कहा- हम बागेश्वर महाराज को बंगाल बुला ला रहे हैं. पूजा के बाद हम कार्तिक महाराज को भी लाएंगे. मैं वहां का विधायक हूं, मैं कार्यक्रम आयोजित करने की पूरी कोशिश कर रहा हूं. हम किसी पर हमला नहीं करेंगे, अगर हम पर हमला भी हुआ तो हम पीछे नहीं हटेंगे. भाजपा विधायक ने कहा- मुझे वह पसंद नहीं है. क्या आप उन्हें धार्मिक कहते हैं? आपको उन्हें पाखंडी कहना होगा.
क्या है पूरा मामला
बागेश्वर हाल ही में हावड़ा आए थे. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी उनकी सभा में मौजूद थे. कई भाजपा विधायक भी उपस्थित थे. बाबा का दावा है कि एक समय ममता बनर्जी ने इस बागेश्वर को बंगाल में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी थी. हालांकि, सरकार बदलने के साथ ही स्थिति बदल गई. लेकिन, तब हंगामा मच गया जब धीरेंद्र कृष्ण ने बंगाल में मांसाहारी भोजन करने वालों को पाखंडी कहा.
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भाजपा अध्यक्ष ने किया विरोध
धीरेंद्र शास्त्री के बयान से बंगाल में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया. बंगाल में, जहां स्वयं देवी को मांस चढ़ाया जाता है, बंगालियों का एक वर्ग भोजन के बारे में ऐसी टिप्पणियों को स्वीकार नहीं कर सका. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने बिना देर बागेश्वर बाबा की टिप्पणी का खंडन किया. उन्होंने कहा कि बागेश्वर की अपनी राय है, लेकिन बंगाली नवमी पर बकरे का मांस खाएंगे. इसबीच, भाजपा विधायक ने बागेश्वर को मुर्शिदाबाद में वापस लाने की इच्छा जताकर आग में घी डाल दिया है.
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