दोस्ती कर नये मित्रों के नाम पर ही ले लेता था लोन

आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर पहले दोस्ती करता था, फिर भरोसे में लेकर लोगों की गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल करता और उनके नाम पर ऑनलाइन लोन लेकर फरार हो जाता.

फर्जी बैंक अधिकारी को भवानीपुर पुलिस ने जलपाईगुड़ी से दबोचा

कोलकाता. दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर थाना क्षेत्र में एक युवती से धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने एक शातिर ठग अभिजीत साहा को गिरफ्तार किया है. आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर पहले दोस्ती करता था, फिर भरोसे में लेकर लोगों की गोपनीय बैंकिंग जानकारी हासिल करता और उनके नाम पर ऑनलाइन लोन लेकर फरार हो जाता. भवानीपुर थाने की पुलिस ने उसे उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले के मेटेली थाना अंतर्गत ब्रह्ममयी होटल से गिरफ्तार किया.

कैसे रचा ठगी का कुचक्र

पुलिस के अनुसार, पीड़िता सौजिता राज (25) ने गत 17 जुलाई को शिकायत दर्ज करायी थी. शिकायत में बताया गया कि एक जुलाई को ओडिशा के जलेश्वर से सांतरागाछी लौटते समय धौली एक्सप्रेस में अभिजीत साहा से उनकी मुलाकात हुई थी. आरोपी ने ट्रेन में टिकट बुक करने में मदद की और खुद को सरकारी बैंक का वरिष्ठ अधिकारी बताया. बातचीत के दौरान जब युवती ने नौकरी की तलाश की बात बतायी, तो आरोपी ने भरोसा दिलाया कि वह नौकरी दिला सकता है. इसके बाद वह अक्सर उनके घर आने-जाने लगा और सरकारी बैंक का फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाकर युवती से केवाइसी, बैंक पासवर्ड और ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी हासिल कर ली. 16-17 जुलाई को उसने ऑनलाइन इंटरव्यू का झांसा देकर युवती के खाते से कई लोन एप्स से भारी रकम उधार ली. इतना ही नहीं, उसने अपने बैंक खाते में गड़बड़ी और पिता की तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर युवती के खाते में 19,000 रुपये डलवाये और फिर उसका लैपटॉप और एटीएम कार्ड लेकर फरार हो गया.

कैसे हुआ खुलासा

कुछ दिनों बाद युवती को जानकारी मिली कि उसके नाम पर लिये गये लोन से 35,000 रुपये का भुगतान एक ट्रैवल कंपनी और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर किया गया है. इसके बाद पीड़िता ने पुलिस से संपर्क किया. भवानीपुर थाने के ओसी बोधिसत्व प्रमाणिक के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी जांच और निगरानी के जरिये अभिजीत को ट्रैक कर लिया और उसे जलपाईगुड़ी से गिरफ्तार कर लिया.

पहले से भी दर्ज हैं कई मामले

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अभिजीत साहा एक पेशेवर ठग है, जो अक्सर ट्रेन में दो टिकट लेकर यात्रियों से संपर्क साधता और उन्हें फंसाता था. उसके खिलाफ पहले भी कालिम्पोंग, अम्हर्स्ट स्ट्रीट और हासनाबाद थानों में धोखाधड़ी के केस दर्ज हैं.

21 तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अलीपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उसे 21 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी के साथ कोई अन्य साथी भी इस ठगी के नेटवर्क में शामिल है या नहीं.

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Author: GANESH MAHTO

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