मुर्शिदाबाद व महेशतला हिंसा पर विस में हंगामा, भाजपा का वॉकआउट

विधानसभा में गुरुवार को मुर्शिदाबाद और कोलकाता से सटे दक्षिण 24 परगना जिले के महेशतल्ला के रवींद्रनगर इलाके में दो समुदायों के बीच हुई हिंसा की घटनाओं को लेकर विपक्षी भाजपा के विधायकों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन करते हुए और सदन से वाकआउट किया.

कोलकाता.

विधानसभा में गुरुवार को मुर्शिदाबाद और कोलकाता से सटे दक्षिण 24 परगना जिले के महेशतल्ला के रवींद्रनगर इलाके में दो समुदायों के बीच हुई हिंसा की घटनाओं को लेकर विपक्षी भाजपा के विधायकों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन करते हुए और सदन से वाकआउट किया. मानसून सत्र के चौथे दिन प्रश्नकाल के बाद विधानसभा में तनाव उस समय बढ़ गया जब अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने भाजपा विधायक दल द्वारा मुर्शिदाबाद और महेशतला में हुई हिंसा की हालिया घटनाओं पर चर्चा की मांग पर लाये गये दो अलग-अलग कार्य स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया. इससे नाराज नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में सभी भाजपा विधायकों ने अपनी सीटों से खड़े होकर अध्यक्ष के फैसले का विरोध किया और ममता सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. कई भाजपा विधायकों ने अध्यक्ष के आसन के पास में आकर नारे लगाये.

दोपहर 12 बजे से लेकर करीब 50 मिनट तक लगातार नारेबाजी चलती रही और जबर्दस्त प्रदर्शन के बाद सभी भाजपा विधायकों ने सदन से वाकआउट किया. हालांकि भाजपा विधायकों के हंगामे के बीच भी विधानसभा की कार्यवाही जारी रही. वाकआउट के बाद शुभेंदु के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने हिंसा की घटनाओं के खिलाफ विधानसभा से राजभवन तक मार्च किया.

शुभेंदु ने अप्रैल में मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा पर और उनकी ही पार्टी के विधायक पुना भेंगरा ने बुधवार को महेशतला में हुई हिंसा और झड़पों को लेकर अलग-अलग कार्य स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया था.

अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने दोनों प्रस्तावों को इस आधार पर खारिज कर दिया कि मुर्शिदाबाद हिंसा का मामला न्यायालय में विचाराधीन है और महेशतला झड़पों से संबंधित मुद्दों पर इस समय सदन में चर्चा नहीं की जा सकती. इससे भाजपा विधायक भड़क गये और प्रदर्शन किया. इस दौरान श्री अधिकारी ने तुलसी का पौधा सिर पर रखकर विधानसभा से जुलूस निकाला. यह रैली राजभवन तक गयी. इस दौरान श्री अधिकारी ने रवींद्रनगर के आइसी मुकुल मियां को हटाये जाने और गिरफ्तार करने की मांग की. उन्होंने यह भी मांग की कि राज्यपाल इस मामले से राज्य सरकार को अवगत कराये.

वहीं, मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य और मंत्री शशि पांजा ने भाजपा विधायकों के आचरण की निंदा करते हुए दावा किया कि सदन में भगवा झंडा लहराना और हिंदू विरोधी सरकार जैसे नारे लगाना अनुचित और असंसदीय था.

अध्यक्ष ने भाजपा विधायकों के आचरण की निंदा की

अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने भी भाजपा विधायकों के आचरण की कड़ी निंदा की और स्पष्ट कहा कि इस तरह से विधानसभा को बाधित नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि सदन के अंदर प्लेकार्ड या धार्मिक पताका लेकर नहीं आया जा सकता, लेकिन भाजपा के सदस्य कोई नियम कानून नहीं मानते हैं. उनका आचरण देखकर वह अवाक हो जाते हैं. वह चाहते तो इस मामले में कार्रवाई कर सकते थे, लेकिन वह नहीं चाहते कि विपक्षी सदस्य विधानसभा की कार्यवाही से वंचित हों. वह चाहते हैं कि विपक्षी सदस्य जनहित में स्वस्थ चर्चा करें.

शुभेंदु ने भाजपा विधायकों के साथ राज्यपाल से की भेंट

बुधवार को महेशतला के रवींद्रनगर में दो समुदायों के बीच हुई हिंसा को लेकर नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने भाजपा विधायकों के साथ गुरुवार को राज्यपाल सीवी आनंद बोस से मुलाकात की. राज्यपाल से मुलाकात कर इन नेताओं ने बंगाल में केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की. श्री अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने विधानसभा से वाकआउट किया और राजभवन तक मार्च किया. राजभवन मीडिया सेल की ओर से जारी एक प्रेस बयान में कहा गया कि राज्यपाल ने सभी से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था बहाल करने और सामान्य स्थिति बहाल करने का आग्रह किया.

विपक्ष के नेता श्री अधिकारी ने महेशतला में केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया.

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Published by: Bijay kumar

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