मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के दौरान ‘अनमैप्ड’ की श्रेणी में आने वाले मतदाताओं को चुनाव आयोग वोटर लिस्ट में शामिल होने के लिए एक और मौका दे रहा है.
By AKHILESH KUMAR SINGH | Updated at :
आज मुख्य चुनाव आयुक्त सीइओ व डीइओ के साथ करेंगे बैठक
संवाददाता, कोलकातामतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के दौरान ‘अनमैप्ड’ की श्रेणी में आने वाले मतदाताओं को चुनाव आयोग वोटर लिस्ट में शामिल होने के लिए एक और मौका दे रहा है. जानकारी के अनुसार, जो वोटर अनमैप्ड की श्रेणी में हैं, उनका जमीनी स्तर पर जांच की जायेगी. इसके लिए एक खास फॉर्मेट तैयार किया गया है. अगर उस इलाके के पांच मतदाता, बीएलओ, सुपरवाइजर और मतदाता पंजीकरण अधिकारी (इआरओ) गवाही और हस्ताक्षर कर देते हैं, तो अंतिम मतदाता सूची में वोटर का नाम दर्ज कर दिया जायेगा. 32 लाख मतदाता अनमैप्ड श्रेणी में हैं. ये ऐसे मतदाता हैं, जिनका नाम या उनके रिश्तेदार का नाम 2002 की मतदाता सूची में नहीं है. एेसे मतदाताओं को राहत मिलेगी. उल्लेखनीय है कि सुनवाई का काम जारी है. आयोग ने सुनवाई की समय सीमा 14 फरवरी तक बढ़ायी है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की जायेगी. उधर, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार शुक्रवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीइओ) मनोज अग्रवाल और सभी जिला चुनाव अधिकारियों (डीइओ) के साथ वर्चुअल बैठक करेंगे. इस बैठक में चुनाव की तैयारियों को लेकर चर्चा हो सकती है. एक और दो मार्च को चुनाव आयोग का एक प्रतिनिधिदल कोलकाता में रहेगा. जानकारी के अनुसार, राज्य में वोटिंग कितने चरण में होगी और सुरक्षा के लिए क्या-क्या उपाय किये जायेंगे, इसका फैसला इस बैठक में लिया जायेगा. संभावना जतायी जा रही है कि मार्च के पहले सप्ताह में चुनाव की घोषणा कर दी जायेगी. सीइओ ने एक ही फेज में चुनाव कराने की इच्छा जाहिर की है, लेकिन बताया जा रहा है कि आयोग राज्य में तीन फेज में चुनाव कराना चाहता है. 28 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी होते ही चुनाव आयोग चुनाव कराने की तैयारी में जुट जायेगा.