बंगाल में बेरोजगारी 40% हुई कम

पश्चिम बंगाल में बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से काफी कम है. बंगाल में बेरोजगारी 40 प्रतिशत कम हुई है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह दावा बुधवार को कंफेडरेशन ऑफ वेस्ट बंगाल ट्रेडर्स एसोसिएशंस (सीडब्ल्यूबीटीए) की ओर से आयोजित सम्मेलन में किया.

नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किया दावा

संवाददाता, कोलकातापश्चिम बंगाल में बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से काफी कम है. बंगाल में बेरोजगारी 40 प्रतिशत कम हुई है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने यह दावा बुधवार को कंफेडरेशन ऑफ वेस्ट बंगाल ट्रेडर्स एसोसिएशंस (सीडब्ल्यूबीटीए) की ओर से आयोजित सम्मेलन में किया. नेताजी इंडोर स्टेडियम में बुधवार को उन्होंने विपक्ष की आलोचनाओं का कड़ा जवाब देने के लिए नीति आयोग की रिपोर्ट पेश की और राज्य की आर्थिक तरक्की पर जोर दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि कई लोग हमारे खिलाफ सिर्फ बदनामी फैलाते हैं, लेकिन केंद्र सरकार की बनायी नीति आयोग की रिपोर्ट कुछ और ही कहती है. ” 2022-23 की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि राज्य की बेरोज़गारी दर सिर्फ़ 2.2 प्रतिशत थी, जो राष्ट्रीय औसत से 30 प्रतिशत कम है. उन्होंने कहा, “हमने बेरोज़गारी दर 40 प्रतिशत कम कर दी है. इसका क्रेडिट राज्य के बिजनेसमैन और एंटरप्रेन्योर को जाता है जिन्होंने लोगों को रोजगार दिया है. ” उन्होंने बंगाल की भौगोलिक स्थिति को ट्रेड के लिए ””””गेटवे”””” बताया. मुख्यमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत बंगाल की बिजनेस कम्युनिटी को राज्य की इकोनॉमी की ड्राइविंग फोर्स बताते हुए की. उन्होंने कहा, “असली बिजनेस बंगाल से ही मुमकिन है. हमारा राज्य एक गेटवे है. एक तरफ, हमारा बॉर्डर नॉर्थ ईस्ट इंडिया से लगता है और दूसरी तरफ बांग्लादेश, नेपाल और भूटान से. इसके अलावा हम बिहार, ओडिशा और झारखंड से भी बॉर्डर शेयर करते हैं. ” उन्होंने इशारा किया कि इस ज्योग्राफिकल स्थिति के चलते बंगाल का ट्रेड बढ़ रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमेंट और कोयला जैसे भारी उद्योग जरूरी हैं, लेकिन एमएसएमई सेक्टर का वॉल्यूम और स्कोप बहुत बड़ा है. आंकड़े देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 13 मिलियन लोग अकेले एमएसएमई सेक्टर में काम करते हैं. मुख्यमंत्री ने बंगाल के खास प्रोडक्ट्स को जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआइ) पहचान मिलने पर भी खुशी जताई. उन्होंने दार्जिलिंग चाय, नक्शी कांथा, बालूचरी साड़ी, जॉयनगरर मोआ, तुलाईपंजी चावल, बर्दवान के सीता भोग-मिहिदाना के साथ-साथ मेदिनीपुर के पटचित्र और पुरुलिया के छऊ मास्क का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि हमें अब तक 36 प्रोडक्ट्स के लिए जीआइ टैग मिले हैं, लेकिन हमारी कला और संस्कृति को देखते हुए 3,600 उत्पादों को यह पहचान मिल सकती है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) को लेकर हो रही चर्चाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि एआइ आने में समय लगेगा, लेकिन यह ध्यान रखना होगा कि एआइ के नाम पर किसी की नौकरी न जाये. इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान मुख्य सलाहकार डॉ अमित मित्रा, कोलकाता के मेयर व शहरी विकास मंत्री फिरहाद हकीम, राज्य की वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य, राज्य की उद्योग व वाणिज्य मंत्री डॉ शशि पांजा, दमकल मंत्री सुजीत बोस, पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन, राज्य के मुख्य सचिव मनोज पंत, उद्योग सचिव वंदना यादव, एमएसएमई विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश पांडे उपस्थित थे. इस मौके पर सीडब्ल्यूबीटीए के अध्यक्ष सुशील पोद्दार व पैट्रॉन वीके भंडारी ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया. अध्यक्ष सुशील पोद्दार ने अपने स्वागत भाषण में राज्य सरकार की उपलब्धियाें व राज्य सरकार की योजनाओं पर प्रकाश डाला. इस अवसर पर एसोसिएशन के सलाहकार एनके कपाडिया, उपाध्यक्ष प्रदीप लुहारीवाला, उपाध्यक्ष सीके वर्दराजन, सचिव जेएल बर्दिया, कोषाध्यक्ष दिनेश जैन, उपाध्यक्ष गोकुल बिहारी, उपाध्यक्ष इकबाल पटेल, उपाध्यक्ष चंदन रॉय, संयुक्त सचिव चंद्रेश मेघानी, संयुक्त सचिव उत्तम बसाक के साथ-साथ अन्य सदस्यों में जयंत कुंडु, धीमान दास, रतन गोयल, आरके राठी उपस्थित थे. कार्यक्रम का संचालन प्रकाश चंडालिया ने किया.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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