बेरोजगार युवाओं को हर महीने मिलेंगे 1500 रुपये
भूमिहीन किसानों को सालाना 4000 की आर्थिक सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया भी एक अप्रैल से होगी शुरू
संवाददाता, कोलकातामुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार एक अप्रैल से युवासाथी योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को भत्ता देना शुरू करेगी. राज्य के अंतरिम बजट में इसे अगस्त से शुरू करने की घोषणा की गयी थी. राज्य सचिवालय नबान्न में एक संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने इस योजना को एक अप्रैल से लागू करने का फैसला लिया है. वित्तीय वर्ष एक अप्रैल से शुरू होता है. गौरतलब है कि राज्य में अगले दो-तीन महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.मुख्यमंत्री ने कहा कि युवासाथी के अलावा भूमिहीन खेत मजदूरों को वार्षिक चार हजार रुपये के अनुदान का प्रथम किस्त देने की प्रक्रिया भी एक अप्रैल से शुरू होगी. इसके साथ ही राज्य सरकार ने छोटे किसानों के लिए एक नयी घोषणा की है. सभी छोटे किसानों को, जिन्हें सरकारी ट्यूबवेल या नदी से सिंचाई के लिए शुल्क या चार्ज देना पड़ता था, उसे माफ कर दिया गया है. ग्रामीण मोर्चे पर ममता बनर्जी ने भूमिहीन खेतिहर किसानों के लिए सालाना 4,000 रुपये की आर्थिक सहायता को एक अप्रैल से लागू करने की घोषणा कर एक और बड़ा संदेश दिया है. बंगाल की कृषि अर्थव्यवस्था में भूमिहीन किसान एक बड़ा, लेकिन अक्सर उपेक्षित वर्ग रहे हैं. इन किसानों को रबी व खरीफ सीजन के दौरान दो किस्तों में 2,000 – 2,000 रुपये के प्रदान किये जायेंगे और पैसा सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर किया जायेगा.
भत्ते के लिए कौन होंगे पात्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राज्य के बजट में तीन से चार योजनाओं की घोषणा की थी. युवासाथी योजना उन लोगों के लिए है, जिन्होंने माध्यमिक (कक्षा 10) की परीक्षा पास की है और जिनकी आयु 21-40 वर्ष के बीच की है. उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना के लाभार्थी मौजूदा छात्रवृत्तियों के लिए पात्र बने रहेंगे. वे ऐक्यश्री, मेधाश्री, शिक्षाश्री, स्मार्ट कार्ड योजनाओं और स्वामी विवेकानंद मेरिट एवं छात्रवृत्ति के लिए पात्र होंगे. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग छात्रवृत्तियों के अलावा राज्य सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त कर रहे हैं, वे युवासाथी योजना के पात्र नहीं होंगे. योजना के तहत हर पात्र युवा को प्रत्येक महीने 1500 रुपये मिलेंगे.
