शिव कुमार राउत, कोलकाता
महानगर में अवैध इमारतों के ढहने का सिलसिला पिछले साल से ही जारी है. इस वर्ष के आरंभ में बाघाजतिन इलाके स्थित एक झुकी हुई इमारत ढह गयी थी. महानगर में अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए कोलकाता नगर निगम एक विशेष योजना पर कार्य रहा है. इसे लेकर निगम में सोमवार को उच्च स्तरीय बैठक हुई. निगम सूत्रों के अनुसार, अब एक कट्ठा से अधिक और तीन कट्ठा से कम जमीन पर भी दो मंजिली इमारत बनायी जा सकेगी. पर यह व्यवस्था केवल बस्ती, कॉलोनी और ठिका क्षेत्रों में ही लागू होगी.निगम के एक अधिकारी ने बताया कि महानगर के कॉलोनियों, बस्तियों और ठिका टेनेंसी वाली जमीन पर अवैध निर्माण रोकने के लिए नया नियम लागू किया जायेगा. निगम कानून में एक प्रावधान है. पर इसे लागू करने के लिए बिल्डिंग एक्ट के नियामक में कुछ बदलाव किये जायेंगे. इसके लिए कानूनी विशेषज्ञों से परामर्श किया जायेगा. इस बाबत निगम के बिल्डिंग और कानून विभाग को सात दिनों के भीतर गाइडलाइंस तैयार करने का निर्देश दिया गया है. रिपोर्ट मिलने पर इसे राज्य सचिवालय नबान्न भेजा जायेगा. सरकार की मंजूरी मिलने पर इसे मंत्री सभा की बैठक से पारित करा निगम को भेजा जायेगा. इसके बाद ही इसे लागू किया जायेगा.
बता दें कि कोलकाता के बस्ती, कॉलोनी व ठिका इलाके में गलियां काफी संकरी होती हैं. किसी इमारत को बनाने के दौरान उसके चारों तरफ 30 से 40 फीट की जगह छोड़नी पड़ती है. पर एक या तीन कट्ठे से कम जमीन पर इतनी जगह छोड़ दी जायेगी, तो इमारत कैसे बनेगी. इन विषयों को ध्यान में रखते हुए ही निगम अधिकारी नयी गाइडलाइंस जारी करेंगे.नयी व्यवस्था लागू करने से पहले निगम के बिल्डिंग एक्ट के सरलीकरण पर भी जोर
सूत्रों के अनुसार, नयी व्यवस्था लागू करने से पहले निगम के बिल्डिंग एक्ट के सरलीकरण पर भी जोर दिया जायेगा. बता दें कि निगम में ठोस कचरा प्रबंधन विभाग के मेयर परिषद सदस्य की अध्यक्षता में हुई बैठक में निगम आयुक्त धवल जैन, बस्ती विभाग के एमएमआइसी सपन समद्दार, बिल्डिंग विभाग के डीजी, ठिका कंट्रोलर व कर मूल्यांकन विभाग के अधिकारी गण मौजूद थे. बताया जा रहा है कि गाइडलाइंस जारी होने के बाद उक्त इलाकों में इमारत बनाने वाले लोगों को वर्तमान से कम दर पर बिल्डिंग प्लान सैंक्शन फीस का भुगतना करना पड़ेगा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
